जैन सोशल ग्रुप के तत्वावधान में स्कूली बच्चों को स्वेटर एवं स्टेशनरी सामग्री वितरण तथा जरूरतमंदों को कंबल एवं मिठाई वितरण किया गया

दहाणु । परोपकार सम्राट आचार्यदेव श्री ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.साहेब के सुशिष्य प्रवचनदक्ष मुनिप्रवर श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.की पावन निश्रा में महाराष्ट्र की यशोभूमि श्री मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ दहाणु में जैन सोशल ग्रुप के तत्वावधान में स्कूली बच्चों को स्वेटर एवं स्टेशनरी सामग्री वितरण तथा जरूरतमंदों को कंबल एवं मिठाई वितरण कार्यक्रम किया गया। जिसके मुख्य अतिथि लेखक एवं वक्ता डॉ मंजुबेन मंगलप्रभातजी लोढ़ा व विशेष अतिथि क्षेत्र के विधायक विनोदजी निकोले थे। साथ में ही क्षेत्र के सरपंच उपसरपंच किरण महोतरे विशेष रूप से आए थे। इस विशेष आयोजन में उज्जैन के दीक्षार्थी बहन सलोनी भंडारी भी शामिल हुए। सभी का शानदार बहुमान श्री पार्श्वनाथ राजेंद्र सुरी जैन रिलिजियस ट्रस्ट एवं जैन सोशल ग्रुप दहाणु रोड ने किया।
सर्वप्रथम धर्मसभा की शुरुआत मुनिश्री को गुरुवंदना से कि, मुनिश्री ने मंगलाचरण किया। उसके पश्चात अतिथियों द्वारा प्रभु एवं गुरुचित्र सम्मुख दीप प्रज्वलन कर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में दीक्षार्थी सलोनी बेन ने कहा संयम आराधना से छ:काय के जीवों की रक्षा होती है। चौउद राजलोक में जीवो को साता मिलती है। कई लोग मुझे कहते हैं संसार क्यों छोड़ रही हो, मैं कहती हूं संसार में रहने जैसा क्या ? है संसार जहर है। धर्मसभा में मुख्य अतिथि श्रीमती मंजुबेन लोढ़ा ने कहां गुरु अमावस्या की अंधेरी रात में भी पुनम का प्रकाश है। ऐसे मेरे गुरुभाता (धर्म के भाई) श्री रजत बाबजी ने मुझे इस आयोजन में बुलाया मैं उनकी ऋणि हूं। उनसे मिलने पर मुझे हमेशा नयापन मिलता है। गुरुधाम तीर्थ में आज जैन सोशल ग्रुप द्वारा सुंदर परोपकार के कार्य किये जा रहे हैं । मैं सोचती हूं कि देने वाला महान कब होता है, जब लेने वाले हो,यदि लेने वाले ही ना हो, तो देने वाला का क्या मौल रहेता है । ग्रुप के सुंदर आयोजन की अनुमोदना।
पूज्य मुनिराज श्री रजतचंद्र विजयजी म.साहेब ने कहा परोपकार पुण्याय,पापाय पर पीडनं अर्थात परोपकार से पुण्य एवं पीड़ा से पाप मिलता है। एक बूढ़ी माजीया लकड़े का गठरा बनाके इंतजार कर रही थी कि ये मुझे कोई तुकवा दे,कई लोग वहां से निकले किन्तु देखा-अनदेखा व सुना-अनसुना किया। उस वक्त एक बाबुजी वहां से निकले जिन्होंने बुड़ी माजिया को मां कहां एवं उनके सिर पर लकड़ी का भारा रखवा कर उनकी मदद की,वो और कोई नहीं मुंबई उच्च न्यायालय के प्रतिष्ठित न्यायाधीश महादेव गोविंद रानाडे थे। आज भी आदर से उनका नाम लिया जाता है। मानव जीवन तभी सार्थक है जब उसमें सेवा और परोपकार का गुण हो। मुनिश्री ने ग्रामीण लोगों से कहा जीवन में शाकाहारी भोजन अपनाए,यदि आपके बच्चों को टीचर दंड दे तो आपसे सहन नहीं होता फिर आप पशुओं का कत्ल कैसे ? कर सकते हैं। प्रभु महावीर द्वारा बताए गए जियो और जीने दो को आत्मसात करे। मुनिश्री ने अपने बहन मंजूजी एवं सलोनी बहन को परमात्मा की सुंदर रत्न प्रतिमा अर्पण की।
क्षेत्रीय विधायक विनोदजी निकोले ने बताया कि हमे गुरुजी के प्रवचन सुनने के बाद यहा ही नहीं छोडऩा है उसको समाज में जाकर सबको बताना है, अनमोल करना है। एक दिन हम जाये उसके पहले कुछ काम करके जाये। इस आयोजन में दहाणु गांव, दहाणु रोड, वाणगांव,सावटा,घोलवड़ बोर्डी, संजान,उमरगांव,वापी दादरा,मुंबई आदि स्थानों से गुरुभक्त पधारे थे। जगदीशजी शर्मा दहाणु की तरफ से स्टील की वाटर बोटल व नोट बुक किट दिया गया। सोशल गु्प की तरफ से कम्बल व मिठाई वितरण व कार्यक्रम पश्चात सभी स्वामीवात्सल्य किया गया।मोहनखेड़ा गुरुधाम तीर्थ की ओर से एक सुंदर पेन सभी को भेंट स्वरूप दिया गया। ट्रस्ट मंडल के अध्यक्ष भरतजी सोलंकी ट्रस्टी ललितजी पुनमिया, राकेशजी पुनमिया, हितेशजी राजावत एवं सलाहकार धीरजमलजी परमार मौजूद थे। जैन सोशल ग्रुप की ओरिजनल से अध्यक्ष दिलीपजी एवं उनकी पूरी टीम मौजूद थी। बोर्डी जैन गुरुकुल के अध्यक्ष नटूभाई दादरा वाला एवं उनकी टीम भी मौजूद थीं।श्री सीमंधर स्वामी जिनालय के ट्रस्टी रंजीतजी एवं जैन सोशल ग्रुप के अध्यक्ष दिलीपजी दहाणु रोड वालों ने कायमी तिथि में अपने नाम अंकित करायें। कार्यक्रम का संचालन अमित महेता दहाणु ने किया।

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