जयपुर,चित्तौड़गढ़ होते हुए होली चातुर्मास के लिए पहुचेगे उदयपुर
इंदिरापुरम (निलेश कांठेड़) । गुरु निहाल नगरी मेरठ से 13 जनवरी को मंगल विहार पर निकले गुरूदेव श्रमण संघीय सलाहकार भीष्म पितामह पूज्य सुमतिप्रकाश जी म.सा. के सुशिष्य आगममर्मज्ञ,प्रज्ञामहर्षि डॉ. समकितमुनिजी म.सा., प्रेरणाकुशल भवान्तमुनिजी म.सा. एवं गायनकुशल जयवंतमुनिजी म.सा. सोमवार 16 जनवरी को ऋषभाचंल से विहार कर इंदिरापुरम पहुच गए। मुनिश्री 17 जनवरी को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के पटपड़गंज पहुचेगे। वह दिल्ली, गुरूग्राम होते हुए जयपुर की दिशा में विहार करेंगे। जयपुर से होली चातुर्मास के लिए उदयपुर की दिशा में विहार करेंगे।
ऋषभाचंल से विहार कर इंदिरापुरम पहुचने के दौरान मार्ग में विहार सेवा देने वालो में अभय जैन, संजय जैन, रजत संचेती, अमित जैन, प्रदीप संचेती,आदिश जैन आदि श्रावक शामिल थे। पूज्य समकितमुनिजी म.सा. आदि ठाणा का आगामी होली चातुर्मास मेवाड़ की पावन धरा झीलों की नगरी उदयपुर के श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संस्थान हिरण मगरी सेक्टर-4 में होंगा। गुरुदेव समकितमुनिजी म.सा. का उदयपुर होली चातुर्मास के बाद अक्षय तृतीया पर वर्षीतप पारणा महोत्सव के लिए महाराष्ट्र के नासिक के लिए विहार करेंगे। वर्षीतप पारणा महोत्सव 23 अप्रेल को होंगा। नासिक के बाद पुना की ओर विहार गतिमान रहेगा। उनका वर्ष 2023 का चातुर्मास पूना के आदिनाथ जैन स्थानक भवन के लिए घोषित हो चुका है।