30 साल पुरानी यादों के साथ मिले स्कूली छात्र

रविन्द्र नाथ टेगोर स्कूल में पढने वाले दोस्त एक दूसरे को देखकर हुए अभिभुत

रतलाम। 30 साल बाद अपने स्कूली समय के दोस्तो को देखकर पुरानी यादे ताजा हो गई और एक साथ परिवार के साथ मिले दो दर्जन से ज्यादा दोस्तों ने पुरानी याद ताजा करते हुए समय बिताया।
दरअसल रतलाम के रविन्द्र नाथ टैगोर स्कुल में वर्ष 1994 बैंच का रियुनियन विगत दिनों सम्पन्न हुआ। जिसमें दसवीं कक्षा में क्लास टीचर रहें तथा वर्तमान मसीही स्कुल के प्रिंसिपल हेमेन्द्र वाल्टर सर का सभी स्टूडेंट ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया फिर उनका शाल श्रीफल से सम्मान किया गया। श्री वाल्टर ने अपने आर्शीवचन में कहा कि तीस वर्षो बाद पूरी क्लास को अपने सामने देखकर बहुत खुशी हो रही हैं। वर्तमान में शिक्षा के स्तर में, टीचर्स एवं विद्यार्थीयों के संबंधों मे बहुत बदलाव आया हैं, पहले व्यापारवाद हावी नहीं था, हम स्टूडेंटस को परिवार का अंग मांनते थे और उसी अधिकार से गलतियों पर सजा भी देते थे। आज सभी को अपने जीवन मे सफल देखकर बहुत खुशी हो रही हैं। शिक्षा के साथ संस्कार भी बहुत जरूरी हैं उस समय के संस्कार ही हैं कि आज भी आप अपने शिक्षक को बुलाकर सम्मान दे रहे हैं। बचपन में साथियों को पेंसील चुभाने वाले स्टुडेट भुपेन्द्र अजमानी को देखकर पुछ लिया अब भी सुधरा है या नहीं? सभी स्टुडेट के बच्चों को आशिष देकर उज्वल भविष्य की कामना की।
सभी सहपाठियों ने स्कुल के समय की शरारतों को याद किया, वहीं परिवार के बच्चे आपस मे बतियातें रहे कि हमारे पेंरेट्स भी स्कुल दिनों मे बहुत शरारती थें। सहपाठी तत्कालिन क्लास मानिटर रही श्रीमती दर्शनी चोहान को उनकी सख्ती के लिए उलाहना देने से नही चुके। कार्यक्रम को नरेन्द्र अग्रवाल, विजय गुरयानी, फैयाज मंसूरी, आनद तनवानी, राहुल सुराना, रूपेश पटवा, श्रीमती सीमा लुनिया, अली अजगर, राजेश व्यास आदि ने संबोधित किया। साथ ही मदन वर्मा ने अपने गीतों से सबको पुराणी यादे ताजा करवा दी रियुनियन में बाहर से आये चित्रेन्द्र सिसोदिया उज्जैन, राजेश कसेरा बांसवाडा, राजेश शर्मा ताल , दीपक कुमावत जावरा बटालियन, बदनावर से नरेन्द्र जाट वकील के साथ विशाल पोरवाल, मुकेश परमार, निर्मल मूणत, जीतेन्द्र काबरा, दीपक जैन, प्रीतेश नीमा उमेश खत्री, योगेश पंड्या शादाब खान, ब्रजमोहन खरे, विजय जैन सहित अन्य स्कूल टाईम के छात्र उपस्थित रहे। इसके साथ ही वीडियो काल पर दिल्ली से नितिन चौरसिया, उदयपुर से मीना व्यास, कनाडा से ललित जोशी ने भी सभी मित्रों और शिक्षक हेमेन्द सर से बातचीत करी और कहा की अगली बार हम जरुर आने की कोशिश करेंग। कार्यक्रम का संचालन कवि चचंल चौहान ने किया। आभार कार्यक्रम के संयोजक अभिसार हाड़ा ने माना ।

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