पूज्य समकितमुनिजी म.सा. आदि ठाणा धारूहेड़ा से विहार कर पहुचे बावल

बावल (निलेश कांठेड़) । श्रमण संघीय सलाहकार भीष्म पितामह पूज्य सुमतिप्रकाश जी म.सा. के सुशिष्य आगममर्मज्ञ, प्रज्ञामहर्षि डॉ. समकितमुनिजी म.सा., प्रेरणाकुशल भवान्तमुनिजी म.सा. एवं गायनकुशल जयवंतमुनिजी म.सा. मंगलवार को धारूहेड़ा से मंगलविहार कर बावल पहुच गए। धारूहेड़ा में सेवा शिरोमणि सुश्रावक शिखरचंदजी बोथरा के निवास स्थान पर प्रवास के बाद सुबह विहार के बाद कुछ देर राजमार्ग पर एक फैक्ट्री परिसर में विश्राम किया। इसके बाद दोपहर में विहार कर बावल गांव पहुचे। बावल गांव में दर्शनों के लिए पहुचे कई श्रावकों ने पूज्य भवान्त मुनिजी का जन्मदिन होने से उनका वंदन-अभिनन्दन करते हुए हार्दिक अनुमोदना की। गुरुग्राम से विहार के बाद जयपुर पहुचने तक मार्ग में आहार-विहार की व्यवस्था में सुश्रावक शिखरचंदजी बोथरा एवं उनके परिवारजन व श्रावकगण समर्पित भाव से जुटे हुए है। पूज्य संत प्रवर के एक फरवरी तक जयपुर पहुचने की भावना है। पूज्य समकितमुनिजी म.सा. आदि ठाणा का आगामी होली चातुर्मास मेवाड़ की पावन धरा झीलों की नगरी उदयपुर के श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संस्थान हिरण मगरी सेक्टर-4 में होंगा। गुरुदेव समकितमुनिजी म.सा. उदयपुर होली चातुर्मास के बाद अक्षय तृतीया पर वर्षीतप पारणा महोत्सव के लिए महाराष्ट्र के नासिक की दिशा में विहार करेंगे। वर्षीतप पारणा महोत्सव 23 अप्रेल को होंगा। उनका वर्ष 2023 का चातुर्मास पूना के श्री आदिनाथ जैन स्थानक भवन के लिए पहले ही घोषित हो चुका है।

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