योग की अंतराष्ट्रीय ख्याति आज की राजनीति की देन है – पं.मुस्तफा आरिफ

रतलाम । हमें ये निष्पक्ष रुप से मानना होगा कि योग को अंतराष्ट्रीय मान्यता दिलाने और स्थापित करने में आज की राजनीति का अभूतपूर्व योगदान है । योग के अंश यद्यपि सभी धर्मों की उपासना और पद्धतियों में मिलता है । योग भारत की देन है । वेदों के प्रादुभाव से कहीं पहले भारत के ऋषि मुनियों ने मानव कल्याण के लिये आत्मा और शरीर को योग से जोड़कर मार्गदर्शन करते हुए बताया कि मन चंका तो कसौटी में गंगा । योग क्रिया पुरातन क्रिया है , ऋषि मुनियों ने भारत की माटी में योग के विभिन्न आसनों को अपनाकर निरोग भारत का सपना साकार किया है । योग हमें स्वस्थ रहने में युवाओं को प्रेरित कर रहा है, यह बात सिद्ध योग साधना केन्द्र शा ी नगर सांई मंदिर सभागृह में आयोजित बंसत उत्सव एवं गणतंत्र दिवस के अवसर पर श्री सांई योग साधना केन्द्र एवं योग धाम परिवार द्वारा कार्यक्रम में कहें । उन्हने कहा कि बंसत के आत्यात्मिक धार्मिक सामाजिक बदलाव पर प्रकाश डाला । कवि श्री रामचन्द्र गेहलोत ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की एवं श्री गेहलोत ने प्रकृति का श्रृंगार है बसंत , राग रागिनियों का उत्सव है बंसत , पिता के साकार रुप है बसंत , कवियत्री इन्दु सिन्हा ने कितने भी संकट आये , मुस्कराना नहीं छोड़ूंगा मां , तेरा बेटा हूं, तेरी शान , तेरा मान रखूंगा मां , खुद को मिटाकर तेरे आंचल में सो जाऊंगा मां , कवि सुरेश माथुर ने रचना प्रस्तुत करने हुए कहा कि मोर का शोर बड़ा मनुहारी , कोमल कुक बड़ी मतवाली, आए पिताम्बरधारी , ऋतु बसंत श्रृंगारधारी कवि श्री हरिशंकर भटनागर ने अपने गांवों की गलियों को याद रखना , चाहे परदेश में हो ठिकाना तेरा , उनको ना भुल जाना चाहे बरसों में हो तेरा आना- जाना व श्री आरिफ ने मेरी दुआ मादरे वतन के नाम पड़ा ने कविता कहीं । $ कार्यक्रम के आरंभ में अतिथियों ने सांई बाबा को माल्यार्पण किया । कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत प्रकाशचन्द्र चौपड़ा, प्रमोद जी राघव, महावीर सिंह शक्तावत , मनसुख चौपड़ा , प्रकाश जी जैन, महेन्द्रसिंह सिसौदिया , दीपा पुजंावत ने किया । इस अवसर पर प्रो.डी.के. शर्मा , हेमंत मेहता, छिना आनंद का जन्मदिन भी मनाया गया । कार्यक्रम में स्वागत भाषण एंव अतिथि परिचय योगधाम के मिश्रीलाल सोलंकी ने किया । कार्यक्रम में विकास चौपड़ा, कृष्ण कुमार मित्तल , जिनेन्द्र चौपड़ा , सुभाष चत्तर, रमेश सांकला , विरेन्द्रसिंह रघुवंशी, भंवरलाल चपड़ोद, रजंना राघव , प्रतिभा रघुवंशी , प्रियंका बाफना सहित कई योगसाधक उपस्थित थेे । अतिथियों को इस अवसर स्मृति चिन्ह भी प्रदान किये गये । कार्यक्रम का संचालन गौरी शंकर खिंची ने किया एवं आभार प्रदर्शन प्रकाश चौपड़ा ने किया ।