घोड़े,बग्गी ढोल नगाड़ा के साथ भगवान टेकेश्वर की निकाली शाही सवारी

रतलाम। आज दिनांक 18 फरवरी 2023 शनिवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर एवं स्वर्गीय श्री चिंतामण जी बहादर की स्मृति में टेकेश्वर महादेव के पावन प्रांगण में शिव महापुराण के पांचवा दिवस पर पोथी का पूजन यजमान मांगीलाल ममता बहादर द्वारा करवाया गया ।
आचार्य हेमन्त कश्यप ने शिव पुराण के दौरान अपने उद्बोधन में कहा कि देवों के देव महादेव के प्राकट्य दिवस और शिव पार्वती के विवाह उत्सव का पर्व महाशिवरात्रि अत्यंत ही विशेष है। शिवरात्रि के दिन निराहार रहकर पूजा-पाठ अभिषेक, मंत्र जाप, आराधना की जाये तो भगवान भोलेनाथ सुख, समृद्धि, आरोग्यता प्रदान करते हैं। महाशिवरात्रि के दिन अन्न का सेवन करने से बुद्धि का नाश होता है। इसलिए साधक को चाहिए शिवरात्रि पर अन्न त्याग कर शिवालय में बैठकर पंचाक्षरी महामंत्र का निरंतर जाप करना चाहिए । वैदिक धर्म पुराणों के अनुसार भगवान शिव ने शिवरात्रि महापर्व पर ही भगवान ब्रह्मा एवं नारायण को दर्शन दिए थे और भगवान शिव कहते हैं आज की रात्रि संपूर्ण प्रकार की पूजा करने से आराधना करने से अनंत कृपा की प्राप्ति होती है।
शिव महापुराण में आज शिव पार्वती का विवाह उत्सव मनाया गया। जिसमें शिव पार्वती के साथ राम लक्ष्मण और हनुमान भी थे। घोड़े,बग्गी ढोल नगाड़ा के साथ भगवान टेकेश्वर ने शहर के प्रमुख मार्गो से भगवान का नगर भ्रमण करवाया गया । जगह जगह शाही सवारी का शिव भक्तों ने स्वागत किया। इसमें भक्त लोग ने नाचते गाते झूमते हुए बरात में निकले। शाही सवारी ने रतलाम की जनता का मन मोह लिया। बग्गी में आचार्य कश्यप विराजमान थे और एक बैलगाड़ी श्रद्धांजलि स्वरूप बहादर जी की निकाली गई अंत में ट्रैक्टर ट्राली पर भगवान शिव, माता पार्वती व राम, लक्ष्मण व हनुमान विराजित थे। ब्राह्मण के पश्चात भ्रमण के पश्चात शाही सवारी टेकेश्वर मंदिर पहुंची तथा मंदिर में आरती संपन्न की गई।क्षेत्र के भक्तों द्वारा कथा श्रवण व शिवजी की बारात में चलने का लाभ लिया।

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