


नीमच/जावद। संसार में अपराध से किसी ने किसी का तो नुकसान होता ही है लेकिन फिर भी मानवता और इंसानियत का संदेश यह है कि जियो और जीने दो, गलती करने वाले को क्षमा कर जीवन में सुधरने का अवसर देना चाहिए। हमें अपराध से घृणा करनी चाहिए अपराधी से नहीं। कोई भी अपराध आदमी क्रोध आवेश या किसी ने किसी बात से परेशान होकर ही करता है। इसलिए प्रत्येक अपराधी को जेल में अपनी भूल सुधारने का अवसर मिलना चाहिए ।यह बात राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने कही। वे रविवार सुबह 8 बजे जावद जेल में अखिल भारतीय दिवाकर मंच द्वारा जावद जेल में आयोजित धर्म सभा में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि गौ रक्षा हमारे जीवन में सदैव आत्मरक्षा बन कर सामने आती है ।यदि हम गाय की रक्षा करेंगे तो गाय भी हमारी जीवन में कहीं नहीं रक्षा करेगी। जीवन में प्रत्येक व्यक्ति को धूम्रपान मदिरापान बीड़ी सिगरेट गुटका तंबाकू जैसी सामाजिक बुराई से सदैव दूर रहना चाहिए। और किसी भाई को यदि इसकी लत लग गई हो तो उसे भी छुड़ाना चाहिए। तभी नशा मुक्त समाज का निर्माण हो सकता है। नशा मुक्त समाज विकसित राष्ट्र के प्रमुख आधारशिला होती है। साधु संतों सत्संग के सानिध्य में रहने से बुरे व्यक्ति भी अच्छाई की ओर जा सकते हैं। जीवन में शाकाहार का उपयोग करना चाहिए ।मांसाहार से सदैव बचना चाहिए ।तभी आत्मा का कल्याण हो सकता है ।और आत्मा पवित्र हो सकती है ।क्योंकि जैसा अन्न खाएंगे वैसा ही मन होगा इसलिए पवित्र भोजन ही ग्रहण करना चाहिए मांसाहार तामसिक भोजन से बचना चाहिए ।विदेशों में गौशाला में गाय के पास जाने के लिए ₹18000 की शुल्क लगता है ।गौमाता कितनी पवित्र है यह बात पूरे विश्व में सामने आ गई है । दुखी के आंसू पोछना चार धाम तीर्थ के समान होता है इसलिए सदैव दुखी व्यक्ति की सहायता करनी चाहिए और उसके दुख दूर करने का प्रयास करना चाहिए। नफरत दुर्भावना फैलाती है। नफरत परमाणु बम है जो समाज के लिए घातक है ।प्रेम भक्ति सद्भाव सदैव समाज विकास के लिए ऊर्जावान है ।क्रोध से किसी भी व्यक्ति का अच्छा नहीं होता है। पुण्य कर्म से विनम्रता से सदैव सभी का भला होता है ।हमारे कार्य से लोग खुश होना चाहिए। हम कभी भी ऐसा कोई कार्य नहीं करें जिससे किसी को भी दुख हो, हम सभी को पुण्य कर्म करना चाहिए और अच्छे कर्म करना चाहिए तभी हम इस संसार में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। संसार में सदैव नफरत करने वाले की भक्ति को भगवान ही स्वीकार नहीं करता है ।सकारात्मक विचार से प्रकृति भी प्रभावित होती है। और सब अच्छा ही अच्छा होता है इसलिए सकारात्मक सोच रखना चाहिए नकारात्मक नहीं। क्रोध में हम किसी का भी बुरा नहीं करें ताकि बाद में हमें पछताना पडे ।कभी भी कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए सदैव अत्याचार होने पर कानून की सहायता लेनी चाहिए तभी हमारा जीवन सफल हो सकता है।कानून में सुनवाई में देर हो सकती है अंधेर नहीं होता है ।कानून में सदैव इंसाफ मिलता है। पशु पक्षियों के सानिध्य में कैंसर रोग ठीक हो जाता है इसलिए जेल प्रशासन से आह्वान किया जाताहै कि जेल में पक्षी विहार निर्माण की स्वीकृति प्रदान करें भविष्य में पक्षी विहार का निर्माण किया जाएगा तो यहां रहने वाले सभी लोग स्वस्थ रहेंगे। धर्म सभा में मेवाड़ मालवा अंचलक्षेत्र के प्रख्यात भागवत आचार्य पंडित घीसालाल नागदा ने कहा कि अच्छी संगत से व्यक्ति अच्छा बनता है बुरी संगत से व्यक्ति बुराई की ओर जाता है इसलिए सदैव अच्छी संगत कर जीवन का कल्याण करना चाहिए।धर्म सभा में न्यूरो चिकित्सा थेर्पिस्ट प्रदीप पंवार, विशाल रोत, कैलाश नागदा ,राजेश लोढ़ा, हेमंत चोपड़ा, राजेंद्र वर्मा ,अनिल डोसी,मुकेशकालूचोपड़ा,देवीलाल वीरवाल ,नितिन पाटीदार यशवंत चौहान, जेलर सीएल परमार आदि गणमान्य लोग उपस्थित थे धर्म सभा के पश्चात राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश द्वारा उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया गया तथा संत श्री द्वारा मांगलिक श्रवण कराकर यूक्रेन युद्ध की शीघ्र समाप्ति तथा सभी के स्वस्थ जीवन की कामना की गई। समारोह समापन पर बिस्किट का वितरण किया गया।