
रतलाम। महाशिवरात्रि के पावन अवसर एवं स्वर्गीय श्री चिंतामण जी बहादर की स्मृति में टेकेश्वर महादेव के पावन प्रांगण में शिव महापुराण के छठे दिन पोथी का पूजन यजमान मांगीलाल ममता बहादर द्वारा करवाया गया । आज के मुख्य अतिथि राजेन्द्र दुबे ,सुधिर दुबे -मुम्बई महाराष्ट्र ने आचार्य श्री कश्यप जी का पुष्प माला द्वारा स्वागत किया । आचार्य हेमंत कश्यप ने शिव पुराण के दौरान अपने उद्बोधन में कहा कि शिव कथा सेवा का भाव जाग्रत करती है । परोपकार के लिए प्रेरणा देती जो मनुष्य सेवा कार्य में लग जाये परोपकार के लिए लग जाते है ।उनका मनुष्य जीवन सफल हो जाता है ।
जैसे नदी कभी अपना पानी नहीं पीती औरों को पिलाती है यह सच्ची सेवा है वृक्ष कभी अपना फल नहीं खाते है ओरो को खिलाते है यही सच्ची सेवा है मनुष्य भी तन मन धन और जिवन को सेवा में लगादे तो वह इस पृथ्वी पर देवता के समान होता है । शिव महापुराण कथा में नानूराम पांचाल, तेज कुमार सोलंकी, प्रवीण वाघेला, विक्की राठौड़, मोहित बंजारा, पवन धाकड़, तेज कुमार प्रजापत , राजकुमार सोलंकी,आयुष सोलंकी, हर्षित जोशी,देवेंद्र कुमार कश्यप आदि क्षेत्रवासी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।