होली पर्व पर तिथियों के संशय को लेकर उत्पन्न हो रहे जनमानस के संशय के समाधान के लिए वैदिक जाग्रति ज्ञान-विज्ञान पीठ क़े विप्रबन्धुओ क़ी बैठक आयोजित

रतलाम 1 मार्च 2023 । होली पर्व पर तिथियों के संशय को लेकर उत्पन्न हो रहे जनमानस के संशय के समाधान के लिए वैदिक जाग्रति ज्ञान-विज्ञान पीठ क़े विप्रबन्धुओ क़ी स्थानीय अखंड ज्ञान आश्रम सैलाना बस स्टैंड पर बैठक आयोजित की गई।
सिद्धविजय पंचांग के निर्माणकर्ता ज्योतिषाचार्य डॉ.विष्णुकुमार शास्त्री ने बताया कि 6 मार्च को प्रदोषकाल में व रात्रि में पूर्णिमा है , भद्रा भी सांय 4:19 से दिनांक 7 को प्रातः सूर्योदय पूर्व 5:14 तक रहेगी , दूसरे दिन पूर्णिमा साढ़े तीन प्रहर से अधिक सांयकाल 6:10 तक रहेगी , किंतु प्रतिपदा तिथि हासगामिनी ( प्रतिपदा का मान पूर्णिमा से कम है पूर्णिमा का मान 25 घंटा 51 मिनट एवं प्रतिपदा का मान 25 घंटा 42 मिनट हैं ) होने से पूर्णिमा तिथि में भद्रान्तर्गत प्रदोषकाल अथवा भद्रापुच्छ में होलिका दहन किया जा सकेगा , वैदिक जाग्रति पीठ क़े अध्यक्ष पं.चेतन शर्मा ने बतलाया प्रदोषकाल का समय सांयकाल सूर्यास्त से 6:29 से रात्रि 9:10 तक होलिका दहन का समय शुभ है , 6 मार्च सोमवार के दिन होलिका दहन रहेगा तथा 7 मार्च मंगलवार को धुलेण्डी (धूलोत्सव) पर्व विधि विधान से मनाये जाने पर एकरूपता रही।
ज्योतिषाचार्य पं.संजयशिवशंकर दवे ने बताया कि 6 मार्च सोमवार को सांय 4:19 के उपरांत पूर्णिमा तिथि आरंभ हो रही है तथा यह पूर्णिमा तिथि रातभर और अगले दिन दिनभर विद्यमान रहते हुए 7 मार्च मंगलवार को शाम सूर्यास्त 6 :29 क़े पूर्व ही 6:10 पर पूर्णिमा तिथि समाप्त हो रही हैं , 6 मार्च सोमवार क़ो ही प्रदोषकाल में होलिका दहन करना शुभ हैं।
ज्योतिष शिक्षण जनकल्याण समिति के उपाध्यक्ष पं.जीवन पाठक जड़वासा ने बैठक में बताया कि परंपरागत रुप से ग्रामीण अंचल में होने वाले चूल का आयोजन 7 मार्च धुलेण्डी पर किया जायेगा तथा होली पर्व क़े उपरांत आने वाली रंगपंचमी 12 मार्च रविवार को मनाई जाएगी ,
इसी प्रकार शीतला माता पूजन शीतला सप्तमी 14 मार्च मंगलवार को विधिवत मनाई जायेगी। दशामाता का पूजन 17 मार्च शुक्रवार को रहेंगी।
बैठक में अखंडज्ञान आश्रम के स्वामी श्रीश्री देवस्वरूप जी महाराज पं.संजयशिवशंकर दवे , पं.चेतन शर्मा , पं.संजय मिश्रा पंडित, पं.राममिलन शास्त्री पं.महेशचंद्र शर्मा पं.आशीष मिश्रा पं.ज्ञानेंद्र भारद्वाज पं.सोमेश शर्मा पं.कान्हा शर्मा उपस्तिथ थे।