होेली चातुर्मास के तहत सेक्टर-4 स्थानक में 7 मार्च को दिया अंतिम प्रवचन

उदयपुर (निलेश कांठेड़)। श्रीवर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संस्थान हिरणमगरी सेक्टर-चार के तत्वावधान में आगमज्ञाता, प्रज्ञामहर्षि डॉ. समकितमुनिजी म.सा. के सानिध्य में आयोजित होली-चातुर्मास के अंतिम दिवस 7 मार्च को रंग पर्व होने से सुबह 7.30 बजे से प्रवचन हुए। सुबह का समय होने के बावजूद प्रवचन सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं सेक्टर-4 स्थानक में पहुंचे। धर्मसभा में पूज्य समकितमुनिजी म.सा. ने कहा कि करीब दस दिन पहले जब उदयपुर में पहली बार प्रवेश किया तो अनजाने थे लेकिन होली चातुर्मास के दौरान शहरवासियों विशेषकर सेक्टर-4 क्षेत्र के श्रावक-श्राविकाओं ने जो धर्मभक्ति दिखाई और जिस तरह का उत्साहपूर्ण माहौल बनाया वह काबिले तारीफ है। अल्प दिनों के प्रवास में ही ऐसा लग रहा जैसे यहां वालों से बहुत पुराना परिचय हो। श्रीसंघ एवं श्रावक-श्राविकाओं की सेवा व भक्ति भावना की जितनी अनुमोदना की जाए कम है। उन्होंने कहा कि होली चातुर्मास की सार्थकता इसी में है कि इस अवधि में जो प्रेरणादायी संदेश सुनने को मिले उन्हें केवल सुनने तक सीमित नहीं रख अपने जीवन में उतारे और कर्मो की निर्जरा करने का प्रयास करें। उन्होंने होली चातुर्मास के सफल आयोजन के लिए संस्थान अध्यक्ष देवेन्द्र धींग, मंत्री महेन्द्र पोखरना,होली चातुर्मास संयोजक अनिल जारोली आदि पदाधिकारियों, युवा व महिला मंडल की सेवाओं की सराहना करते हुए सभी के लिए मंगलकामनाएं व्यक्त की।
सेक्टर 4 से बुधवार को विहार कर पहुचेगे आयड़
प्रस्तावित विहार कार्यक्रम के अनुसार पूज्य समकितमुनिजी म.सा. आदि ठाणा हिरणमगरी सेक्टर-4 स्थानक से होली चातुर्मास के बाद 8 मार्च बुधवार को सुबह विहार कर उदयपुर शहर के आयड़ क्षेत्र में ऋषभ भवन पहुच सुबह 9 बजे से प्रवचन देंगे। प्रवचन के तुरन्त बाद विहार कर सेक्टर-5 स्थानक पहुचेगे जहां रात्रिकालीन प्रवचन होंगे। इसके बाद 9 मार्च को उदयपुर से सूरत की दिशा में विहार करेंगे। महाराष्ट्र के नासिक में पूज्य समकितमुनिजी के सानिध्य में 23 अप्रेल को अक्षय तृतीया पर वर्षीतप पारणा महोत्सव होंगा। उनका वर्ष 2023 का चातुर्मास पूना के आदिनाथ जैन स्थानक भवन के लिए घोषित है, जहां चातुर्मासिक प्रवेश 25 जून को होगा।