दिवाकर ज्योति साध्वी जय श्री जी म.सा.को किया मेवाड़ चंद्रिका के पद से अलंकृत

जावरा (अभय सुराणा) । होली चातुर्मास के पावन प्रसंग पर ओजस्वी वक्ता दिवाकर ज्योति वाणी भूषण राजस्थान वीरांगना श्री जय श्री जी महाराज साहब का हिरण मगरी सेक्टर 4 उदयपुर में पहली बार पदार्पण हुआ लेकिन पहली बार में उनके प्रभावी प्रवचन ने लोगों के हृदय में अपनी जगह बना ली। 6 दिन के प्रवचन में साध्वी जयश्री जी ने अपने प्रवचनों के द्वारा जोअद्भुत माहौल बनाया उससे सभी गदगद हुए और परिणाम स्वरूप प्रज्ञा महर्षि आगम ज्ञाता डॉक्टर समकीत मुनि जी महाराज साहब एवं श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संस्थान श्रमण संघ परिषद, सेक्टर 4 उदयपुर संघ ने आपको मेवाड़ चंद्रिका की उपाधि से अलंकृत किया।अ.भा. जैन दिवाकर संगठन समिति के वरिष्ठ मार्गदर्शक अभय सुराणा ने बताया कि आप में वह प्रतिभा है कि आप इस पद को रिजर्व करतीहैं। गुरुदेव के मुख से अलंकृत किए जाते ही धर्म सभा में हर्ष हर्ष जय जय के नारे गुंजायमान होने लगे।
पहले भी पिपलिया मंडी श्री संघ ने 2006 में आपको दिवाकर ज्योति पद से अलंकृत किया था। 2019 में कामारेडी संघ ने एवं तपस्वी रत्न विवेक मुनि जी महाराज द्वारा आपको वाणी भूषण पद की उपाधि से अलंकृत किया। 2021 में जावरा चौपाटी पर राष्ट्रसंत कमल मुनि जी महाराज साहब की आज्ञा से अ.भा.जैन दिवाकर विचार मंच इकाई जावरा के तत्वाधान में आपको राजस्थान वीरांगणा के पद से अलंकृत किया गया और ओजस्वी वक्ता* तो आम जनता के द्वारा जहां भी जाते हैं आप को इस उपाधि से संबोधित किया जाता है आज आपको मेवाड़ चंद्रिका की उपाधि मीलने पर संत एवं साध्वी समुदाय के साथ ही भारत के विभिन्न प्रांतों के भक्तजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। सभी और से बधाईयो का ताता लगा हुआ है। श्री अभय सुराणा ने गुरुदेव आगम ज्ञाता डॉक्टर समकित मुनि जी के साथ ही उदयपुर श्री संघ का आभार व्यक्त किया एवं अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच की ओर से बधाइयां प्रेषित करी।

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