शाश्वत तीर्थ अयोध्या बडी मूर्तिजैन मन्दिर में सर्वोच्च साध्वी गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ ने किया वर्षायोग स्थापना

अयोध्या। श्री दिगम्बर जैन मन्दिर रायगंज में जैन समाज की सर्वोच्च साध्वी गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ससंघ ने वर्षायोग स्थापित किया। संघ में 16 साध्वी माताजी एवं संघस्थ ब्रह्मचारिणी बहनें रहती हैं।
अयोध्या तीर्थ क्षेत्र समिति के मंत्री विजय कुमार जैन ने बताया जैन शास्त्रों के अनुसार वर्षाकाल में संतों को चार महीने तक आषाढ़ शुक्ला चतुर्दशी की रात्रि से कार्तिक कृष्णा अमावस्या तक चार महीने एक ही स्थान पर रह करके अपनी चर्या का पालन करना रहता है।
गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी ने 28 जुलाई को मध्याह्न में प्रवचन करते हुए कहा कि अब सन् 2026 का चातुर्मास काल शाश्वत तीर्थ अयोध्या के तीर्थंकर भगवंतों की जन्मभूमि पर मेरा सम्पन्न होगा। इस संदर्भ में कमेटी की अध्यक्ष पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी, संघपति श्री अनिल जैन प्रीतविहार दिल्ली, श्री कैलाशचंद सर्राफ,आदीश जैन, श्री सुभाषचंद जैन लखनऊ, महामंत्री श्री अमरचंद जैन, कोषाध्यक्ष श्री रिषभ जैन एवं जितेन्द्र जैन (लल्ला) तहसील फतेहपुर, मंत्री श्री विजय कुमार जैन, डॉ. जीवन प्रकाश जैन, अतुल जैन प्रमेन्द्र जैन, निधेश जैन टिकैतनगर आदि अवध प्रांत के भक्तों ने पूज्य माताजी से श्रीफल समर्पित करके विनय पूर्वक चातुर्मास स्थापना के लिए अनुरोध किया। सभा की अध्यक्षता श्री प्रमोद कुमार जैन संभाजीनगर महाराष्ट्र ने की एवं सम्पूर्ण चातुर्मास की व्यवस्थाएँ संघपति श्री अनिल कुमार के द्वारा संचालित रहेंगी।
इस अवसर पर पूज्य ज्ञानमती माताजी को संयम का उपकरण पिच्छी प्रदान करने का सौभाग्य श्रीमती सरला महावीर प्रसाद दर्शना रविप्रकाश पारस मानसी रिषभ जैन सिद्धि जैन-निजामाबाद (तेलंगाना) प्रदान किया एवं पूज्य माताजी के चरण प्रक्षाल करने का सौभाग्य सौ. सपना जितेन्द्र जैन लुहाडिया एवं सौ. माधुरी विजय पापड़ीवाल ने किया।
चातुर्मास काल के मध्य दशलक्षण महापर्व के अन्तर्गत इन्द्रध्वज महामंडल विधान सम्पन्न किया जाएगा जिसमें देश के विभिन्न आँचलों से भक्तगण पधारेंगे, पचास मंडल बनाकर के अर्घ्य समर्पित किए जाएँगे एवं भगवंतों का आराधना का यह कार्यक्रम 11दिन तक भादों शुक्ला पंचमी से चतुर्दशी तक रहेगा इसी क्रम में आर्यिका श्री चंदनामती जी माताजी एवं पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्र कीर्ति स्वामीजी ने सभी आने वाले भक्तों को अपना मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। शाम को भगवंतों की एवं पूज्य माताजी की मंगल आरती सम्पन्न की गई।
रात्रि में चातुर्मास की क्रियाएँ सभी संतों ने भक्तिपाठ आदि पढ़कर के दिग्बंधन आदि की क्रियाएँ सम्पन्न की इसी के साथ चातुर्मास काल प्रारम्भ किया। सभा का संचालन डा जीवन प्रकाश जैन जम्बूद्वीप, हस्तिनापुर ने किया एवं सभी उपस्थित अतिथियों, श्रेष्ठियों, व पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया

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