परम पूज्य गणनी आर्यका रत्न 108 बिभा श्री माता जी का चंद्रपुरी (वाराणसी) में भव्य मंगल प्रवेश हुआ

वाराणसी (यु. पी.) । रमता योगी बहता पानी के कहावत अनुसार गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्या गणनी आर्यिका श्री विभा श्री माता जी का मंगल प्रवेश आज 8 मार्च को प्रातः 1008 चंदप्रभु भगवान के 4 कल्याणक क्षेत्र चंदपूरी वाराणसी में पधारे माता जी का मंगल विहार पथरिया से यति सम्मेलन पूर्ण कर सम्मेदशिखर जी के लिए विहार 11 फरवरी को किए थे माताजी रास्ते में कई तीर्थ स्थलों का दर्शन करते हुए लगभग 600 km चलते हुए बनारस पहुंचे जहां 1008 श्री पारसनाथ भगवान की जन्म स्थली ,1008 सुपार्श्व नाथ भगवान की जन्म स्थली का दर्शन कर ।1008 श्री श्रेयांशनाथ भगवान के जन्म स्थली का दर्शन कर पहुँचे ।इस संघ में आर्यिका 105 विनय श्री माता जी और 9 पीछी ससंघ में साथ चल रहे है ।इस अवसर पर इस बिहार के संघपति कोटा जैन समाज के लोग साथ चल रहा है।आज मंगल विहार में विशेष रूप से कोडरमा के विजय -नीलम सेठी,राज कुमार अजमेरा,विकाश पाटोदी शामिल हुवे। उक्त जानकारी कोडरमा मीडिया प्रभारी राज कुमार अजमेरा ने दी।

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