जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर 1008 आदिनाथ भगवान का जन्म ओर तप कल्याणक महोत्सव मनाया गया

झुमरीतिलैया। श्री दिगंबर जैन समाज झुमरीतिलैया के सानिध्य में श्री दिगम्बर जैन दोनों मंदिर जी मे जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर देवाधिदेव 1008 श्री आदिनाथ भगवान का जन्म ओर तप कल्याणक भक्ति भावना से मनाया गया इसमें सर्वप्रथम आदिनाथ भगवान की प्रतिमा पर प्रथम अभिषेक अजय-प्रसम सेठी ओर अनिल-दीपाली पाटोदी के परिवार के द्वारा किया गया पश्चात समाज के सेकड़ो लोगो द्वारा रजत कलशों से महामस्तिकाभिषेक ओर बृहद शांतिधारा राजा सेठी,कमल गंगवाल के द्वारा किया गया ।अभिषेक के बाद संगीत मय पूजा सुबोध गंगवाल के मुखारबिंद से कराया गया जिसमें सभी भक्त झूम झूम कर एक एक अर्घ श्री जी के चरणों मे समर्पित किया गया इस अवसर पर समाज के मंत्री ललित सेठी ने कि कहा कि अनादिकाल से जैन धर्म चल रहा है जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान ने सभी को असी, मसि,कृषि आदि की शिक्षा देकर मानवता की जीवन यापन सिखाया और भारत देश का नाम आदिनाथ भगवान के पुत्र भरत के नाम से भारत देश पडा।आदिनाथ भगवान का जन्म अयोध्या नगरी में हुवा था तब से हम सभी चैत्र कृष्ण नवमी को अयोध्या के साथ पूरे विश्व मे जन्म कल्याणक महोत्सव भक्ति भाव के साथ मनाते है 1008 आदिनाथ भगवान के बाद 23 तीर्थंकर ओर हुवे । जन्म कल्याणक महोत्सव के पूर्व संदया में 48 दीपकों से भक्तामर पाठ अरुण-सिमा गंगवाल रांची के द्वारा हुवा,रात्रि में पालना झुलाने के साथ आरती इर भजनों का कार्यक्रम हुवा। उक्त जानकारी कोडरमा मीडिया प्रभारी जैन राज अजमेरा,नविन जैन ने दी।

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