रतलाम । माननीय न्यायालय श्री मयंक मोदी मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी जिला रतलाम द्वारा निर्णय दिनांक 16.03.2023 को अभियुक्त राजूबाई उर्फ राजीाबाई पिता स्व. बाबुलाल आयुु 65 साल नि सदर बाजार, ग्राम धामनोद, जिला रतलाम को धारा 467 भादवि में 7 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 रूपये अर्थदण्ड, धारा 468 भादवि में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000रूपये अर्थदण्ड,धारा 471 भादवि में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व 500रूपये अर्थदण्ड,धारा 205 भादवि में 1 वर्ष का सश्रम कारावास व 500 रूपये अर्थदण्ड, से दण्डित किया गया, वहीं प्रकरण मे अन्य दो अभियुक्त क्रमशः बाबुलाल पिता चम्पालाल नि ग्राम धामनोद, दीनानाथ उर्फ दिनेशचंद्र पिता जगन्नाथ नि हनुमान रूण्डी कम्पोडर जिला चिकित्सालय रतलाम म.प्र. की विचारण के दौरान मृत्यु हो जाने से उनके विरूद्ध उपशमन के आधार पर कार्यवाही समाप्त की गई।
प्रकरण में पैरवीकर्ता सहायक जिला अभियोजन अधिकारी गोल्डन राय ने बताया कि आरोपीगण द्वारा न्यायालय के आपराधिक प्रकरण क्रमांक 69/96 में श्रीमान न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी श्रीमान एन. एस. डाबर के न्यायालय में आरोपीगण मनोहरलाल, कारूलाल, शांतिबाई और राजू की जमानत का आदेश हुआ था, जिसमें उनकी जमानत राजूबाई ने कांताबाई बनकर प्रस्तुत की थी और उन्हें जमानत पर रिहा किया गया था, जिसके पश्चात उक्त आपराधिक प्रकरण के फरियादी दिनेशचन्द्र परमार द्वारा श्रीमान न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी श्रीमान एन. एस. डाबर महोदय के यहां पर एक आवेदन प्रस्तुत किया कि राजूबाई ने कांताबाई बनकर जमानत प्रपत्र पर कांताबाई के रूप में हस्ताक्षर करके फर्जी जमानत प्रस्तुत की है। अतः उनकी जमानत निरस्त कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जाये, जिसके उपरांत श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा उनके अंतर्गत थाना नामली से उक्त संबंध में जांच करायी, जिसमें यह पाया गया कि राजूबाई द्वारा कांताबाई बनकर फर्जी जमानत प्रपत्र तैयार किये गये और उनकी जमानत दी गई है, जिसके संबंध में जिसके पश्चात श्रीमान न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पुलिस थाना स्टेशन रोड जिसके क्षेत्रांतर्गत न्यायालय भवन स्थित है, को उक्त प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही के लिये निर्देशित किया गया
न्यायालय के आदेश उपरांत थाना स्टेशन रोड के द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराध कमांक 337/93 अंतर्गत धारा 420, 468, 34 भा.दं.सं. का आरोपीगण राजूबाई, बाबुलाल और दीनानाथ के विरूद्ध पंजीबद्ध किया गया तथा विवेचना में लेकर दस्तावेज संलग्न किये गये और आरोपी राजूबाई, बाबूलाल और दीनानाथ के हस्ताक्षर नमूने लिये गये। बाबूलाल और दीनानाथ के पूर्व के अविवादित दस्तावेज प्राप्त किये गये जिन्हें जांच रिपोर्ट के लिये स्टेट एग्जामिनर ऑफ आउट स्टेण्ड डॉक्यूमेंट नवमेंट ऑफ म.प्र., जहांगीराबाद, भोपाल भेजा गया। जांच रिपोर्ट प्राप्त कर प्रकरण में संलग्न की गई। उक्त जांच रिपोर्ट के पूर्व आरोपीगण दीनानाथ, बाबुलाल और राजीबाई उर्फ राजूबाई से उनके हस्ताक्षर लिये गये कांताबाई के हस्ताक्षर राजूबाई से कराये गये उनका नमूना लिया गया।बाद उक्त हस्ताक्षर जांच के लिये भेजे गये। रिपोर्ट प्राप्त की गई और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। प्रकरण में आवश्यक अनुसंधान कार्य किये जाने पर अभियोगपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय में अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य/तर्क के आधार पर अभियुक्त को दोषसिद्ध किया गया।
प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी गोल्डन राय द्वारा की गई।