सम्मेदशिखर जी मे मुनि श्री 108 सुयस सागर जी मुनिराज का भब्य मंगल प्रवेश हुवा

सम्मेदशिखर जी-श्री दिगम्बर जैन मंदिर खूंटी से मंगल विहार परम पूज्य उपसर्ग विजेता आचार्य श्री 108 विराग सागर जी महामुनिराज के परम प्रभाव शिष्य चर्या शिरोमणि आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 सुयश सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश सम्मेदशिखर जी हुआ ।
ज्ञात हो मुनि श्री का 1 जनवरी को नागपुर से पद विहार प्रारंभ कर रास्ते मे अपने ग्रहस्त जीवन का शहर दुर्ग में भब्य पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव को पूर्ण कर कुनकुरी ,जसपुर होते हुवे रांची पहुँचे जहाँ इस सदी में सबसे लंबा उपवास करने वाले सिंह निष्क्रिय ब्रत धारी अन्तर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी से मंगल मिलन हुवा ।यहाँ के बाद खूंटी ग्राम में बृहद 1008 पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव सम्पन्न कर शिखर जी पहुँचे सम्मेदशिखर जी मे विराजमान कई आचार्य मुनि आर्यक संघ ने मुनि श्री की आगवानी की ओर मुनि श्री ने सभी आचार्यो का दर्सन किया विशेष रूप से आचार्य श्री 108 संभव सागर जी महाराज का दर्सन का आशीर्वाद प्राप्त किया पूरे मधुबन समाज के द्वारा घर घर मे रंगोली सजाकर पाद प्रक्षालन किया पूरा मधुबन घूमते हुए बिषपंथी कोठी पहुंचे जहां पर मुनि श्री ने सबको मंगल आशीर्वाद देते हुए कहा खूंटी के लोग बहुत ही धार्मिक हैं लोग सम्मेद शिखर की यात्रा किसी को कराते हैं तो बहुत पुण्य अर्जित होता है और अगर संत महात्मा को मधुबन की यात्रा कराते है तो हज़ार गुणा पुण्य अर्जित होता है ।आपके नगर में आस-पास कोई भी दिगम्बर संत या त्यागिवर्ती आये तो उनकी सेवा करना चाइये प्रवेश में विशेष रूप से खूंटी जैन समाज के लोग,लालगोला से संतोष जैन छाबडा, कोडरमा से राजकुमार अजमेरा,जोंटी काला, गुवाहाटी से कुणाल जैन गंगवाल ओर बिहार में विशेष रुप से खूंटी समाज की महिला शामिल हुई।उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी राज कुमार जैन अजमेरा कोडरमा ने दी।

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