गुणानुवाद कर मनाया आचार्य श्री नंदलालजी मसा का पुण्य स्मृति दिवस

रतलाम, 15 अप्रैल। संसार में पूंछ-परख उसी की होती है, जो सहज, सरल और गंभीर होता है। धनी कभी अपने धन का और ज्ञानी कभी अपने ज्ञान का प्रदर्शन नहीं करते। पहले संत और समाज में जो गंभीरता होती थी, वह आज नहीं है। हमे आचार्य श्री नंदलालजी मसा के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को धीर-गंभीर और तपस्वी बनाना चाहिए।
यह बात मालव केसरी प्रसिद्ध वक्ता पूज्य गुरुदेव श्री सौभाग्यमलजी मसा के सुशिष्य श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री प्रकाश मुनिजी मसा ने कही। शनिवार को उनकी निश्रा में नोलाईपुरा स्थित श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल स्थानक में आचार्यश्री नंदलालजी मसा का पुण्य स्मृति दिवस जप-तप और त्याग-तपस्या के साथ मनाया गया। प्रवर्तकश्री ने इस मौके पर आचार्यश्री का गुणानुवाद करते हुए कहा कि उनका जीवन काफी शांतिमय रहा। उन्होंने कभी आदेश नहीं चलाए और ना ही किसी को कभी टोका। ऐसे दादा गुरूदेव की परंपरा का वंशज कहलाना समाजजनों के लिए गौरव की बात है।
प्रवर्तकश्री ने इस मौके पर कई श्रावक-श्राविकाओं को तपस्या के प्रत्याख्यान कराए। उनकी निश्रा में अक्षय तृतीया पर वर्षीतप का पारणा महोत्सव का आयोजन होगा। इसके लिए संतों का रतलाम आगमन जारी है। शनिवार को पूज्या श्री चंदनबाला जी मसा, पूज्या श्री कल्पना जी मसा का मंगल प्रवेश हुआ। अभिग्रहधारी और उग्र विहारी पूज्य श्री राजेश मुनिजी मसा एवं पूज्य श्री राजेन्द्र मुनिजी भी 49 किलोमीटर का उग्र विहार कर बडनगर पंहुचे। शनिवार को उन्होंने रतलाम के लिए विहार किया। मालव भूषण श्री महेन्द्रमुनिजी मसा भी खाचरौद पहुंच गए। एक-दो दिन में उनका भी रतलाम में मंगल प्रवेश होगा। गुणानुवाद सभा में प्रवर्तकश्री के साथ पूज्य श्री दर्शन मुनिजी मसा, मसा, पूज्य श्री अभिनंदन मुनि जी मसा एवं महासती श्री रमणीक कुँवर जी मसा, पूज्या श्री चंदना जी मसा, पूज्या श्री लाभोदया जी मसा, पूज्या श्री जिज्ञासा जी मसा आदि ठाणा उपस्थित रहे। संचालन सौरभ मूणत द्वारा किया गया।
जाप के साथ मनेगा स्मृति दिवस
नोलाईपुरा स्थित श्री धर्मदास जैन मित्र मंडल स्थानक में श्रमण संघीय प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री प्रकाश मुनिजी मसा की निश्रा में रविवार को आचार्यश्री उमेश मुनिजी मसा का मासिक पुण्य स्मृति दिवस मनेगा। इस मौके पर सुबह पौने आठ से पौन नो बजे तक जाप रखे गए है। इसके बाद प्रवचन होंगे।