

बोलिया जैन स्थानक भवन 27 अप्रैल 2023। आध्यात्मिक साधना के वाइब्रेशन का निर्माण विज्ञान और सरकार भी नहीं कर सकती तथा विश्व की संपूर्ण संपत्ति दान देकर भी संभव नहीं है । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन दिवाकर चौथमल जी महाराज की दीक्षा स्थली पर संबोधित करते कहा कि साधना से निर्मित वाइब्रेशन का प्रभाव इंसान तो क्या पशु पक्षी और संपूर्ण ब्रह्मांड पर अनंत काल तक पड़ता है।
उन्होंने कहा कि नश्वर शरीर से महापुरुष ने साधना करके आत्म शक्ति को जागृत करते हुए अपना तो कल्याण किया ही निस्वार्थ भाव से संपूर्ण मानवता को कर्मों से मुक्ति का सन्मार्ग प्रदान किया।
मुनि कमलेश ने बताया कि मानव जीवन का लक्ष्य मात्र खाना पीना सोना ही नहीं इतना काम तो पशु भी करते हैं साधना और परमार्थ लक्ष्य बनाना चाहिए। राष्ट्रसंत ने बताया कि जैन दिवाकर जी ने साधना के बलबूते पर अलौकिक चमत्कार हुए और आज भी हो रहे हैं जो विश्वास श्रद्धासमर्पण भक्ति निस्वार्थ भाव से कर रहे हैं उनकी उपासना कर रहे हैं।
राष्ट्रसंत ने कहा कि बोलिया की माटी भी विश्व स्तर पर प्रत्यक्ष रूप में आस्था के रूप में जनता पूजनीय मानती है और भाव समर्पित करने के लिए यहां पहुंचते हैं।
जैन संत ने कहा कि आने वाले भक्तों की सेवा और सन्मान करके यहां की जनता भी पुण्य उपार्जन का लाभ ले रही है।
क्षेत्रीय लोकप्रिय विधायक श्री देवी लाल जी धाकड़ ने पवित्र धरती पर राष्ट्रसंत का अभिनंदन करते हुए दीक्षा भूमि पर दर्शनार्थियों के आने जाने हेतु पुलिया और रोड निर्माण सहितसंपूर्ण व्यवस्था करने का आदेश एसडीएम को तत्काल दिया 28 और 29 अप्रैल को गरोठ में प्रवचन के पश्चात 30 अप्रैल शामगढ़ 1 मई को सुवासरा मंडी पधारने की संभावना है।