21 मई को वैदिक मंत्रोच्चार से दुग्धाभिषेक एवं पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा
रतलाम। श्री महाराणा प्रताप जन्मोत्सव समिति के तत्वाधान में श्री हिन्दू वीर शिरोमणी श्री महाराणा प्रताप के 483 वें जन्मोत्सव पर भव्य शौर्य यात्रा दिं. 22 मई 2023 सोमवार को प्रात: 8 बजे महलवाड़ा परिसर (राजमहल) से निकलेगी । श्री महाराणा प्रताप जन्मोत्सव समिति एवं श्री राजपूत समाज द्वारा सर्वप्रथम महलवाड़ा परिसर में राजराजेश्वरी पदमावती माता मंदिर एवं जागनाथ महादेव मंदिर पर प्रात: 7 बजे पूजा-अर्चना कर माता को चुनरी अर्पण एवं महाआरती कर रतलाम संस्थापक महाराजा श्री रतनसिंह जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राजमहल (महलवाड़ा) परिसर से जय महाराणा, जय भवानी, जय शिवाजी के जयघोष के साथ शौर्य यात्रा प्रारम्भ होगी।
श्री महाराणा प्रताप जन्मोत्सव समिति ने बताया कि कार्यक्रम की शुरूआत दिं. 21 मई 2023 को प्रात: 8 बजे श्री महाराणा प्रताप चौक (सैलाना बस स्टैंड चौराहा) स्थित हिन्दू वीर शिरोमणी श्री महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर वैदिक मंत्रोच्चार से दुग्धाभिषेक एवं पंचामृत से अभिषेक कर किया जाएगा । इसके पश्चात दिं. 22 मई को प्रात: 8 बजे महलवाड़ा से शौर्य यात्रा प्रारम्भ होगी।
इन मार्गो से निकेलेगी भव्य शौर्य यात्रा
भव्य शौर्य यात्रा राजमहल पैलेस रोड़ से प्रारम्भ होकर डालुमोदी बाजार, माणक चौक, घांस बाजार, चौमुखीपुल, चांदनी चौक, तोपखाना, बजाज खाना, गणेश देवरी, धानमंडी, शहीद चौक से होते हुए श्री महाराणा प्रताप चौक (सैलाना बस स्टैंड चौराहा) पर यात्रा समापन होगी ।
शौर्य यात्रा में यह रहेंगे आकर्षण का केन्द्र
शौर्य यात्रा में सर्वप्रथम प्रचार रथ, उसके पीछे बुलेट वाहन पर राष्ट्रीय तिरंगा ध्वज एवं भगवा ध्वज लेकर युवा चलेंगे । इनके पीछे घुड़सवार, बैंड, क्षत्रिय सरदार, ढोल नगाडे, दुर्गा वाहिनी, क्षत्राणियां एवं चार रथ रहेंगे । वहीं करीब 250 से अधिक समिति सदस्यों की टीम शौर्य यात्रा का मोर्चा संभालेगी, जिसमें पार्किंग से लेकर यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी भी रहेगी। शौर्य यात्रा में 300 से अधिक बालिकाएं केसरिया साफा धारण कर सम्मिलित होगी। शौर्य यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं द्वारा जय महाराणा-जय शिवाजी के जयघोषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। शौर्य यात्रा में चार भव्य रथ रहेंगे जिसमें सर्वप्रथम रथ में महाराणा प्रताप का चित्र, दूसरे रथ में महाराजा रतनसिंह का चित्र, तीसरे रथ में शिवाजी महाराज का चित्र एवं चौथे रथ में महाराजा छत्रसाल बुंदेला की चित्र । शौर्य यात्रा में क्षत्रिय – क्षत्राणियाँ अपनी पारंपरिक वेशभूषा में यात्रा में सम्मिलित होगी ।
श्री महाराणा प्रताप जन्मोत्सव समिति के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यगणों ने समाजबंधुओं, सामाजिक संगठनों, नगर की जनता से विनती है कि भव्य शौर्य यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर शौर्य यात्रा को सफल बनावें ।