
जावरा (निप्र ) । व्यक्ति के जीवन में जितनी जरूरत व्यावहारिक शिक्षण की होती है उससे कहीं ज्यादा आवश्य,कता संस्कारों की बीजारोपण करने वाली धार्मिक शिक्षा की है, जो शिक्षा हमें धार्मिक पाठशालाओं के माध्यम से प्राप्त होती है, और बचपन में दिए गए संस्कार आने वाले भविष्य में हमारा पथ प्रदर्शित करते हैं। हमें जीवन में ज्ञान देने वाले गुरु का सदैव सम्मान भी करना चाहिए।
उक्त विचार पुण्य सम्राट शिक्षा समिति द्वारा द्वारा संचालित अरिहंत कॉलोनी में श्री राजेंद्र जयंत जैन पाठशाला में उपस्थित बच्चों को संबोधित करते हुए संस्था के परामर्शदाता वह पूर्व अध्यक्ष श्री अभय सुराणा ने व्यक्त किए। इस अवसर पर शिक्षा समिति संयोजक आनंदीलाल संघवी अध्यक्ष बसंतीलाल चपडोद ने बच्चों को ज्ञानवर्धक बातें भी बताई ।पुण्य सम्राट शिक्षा समिति जावरा के सचिव श्रीमती सारिका कोलन के साथ ही श्री सुरेंद्र कुमार कोलन श्रीमती मंजू जैन आदि उपस्थित थे इस अवसर पर ज्ञानार्जन देने वाली शिक्षिका सुश्री ईशिका कोलन का श्री श्वेतांबर जैन वरिष्ठ सेवा समिति द्वारा बहुमान किया गया एवं उपस्थित सभी बच्चों को गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी मिले इस हेतु सकोरे भी वितरित किए गए एवं बच्चों का मुंह मीठा कराया गया। अंत में संस्था के कोषाध्यक्ष श्री नगीन सकलेचा द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।