संसार का सर्वश्रेष्ठ धर्म सनातन धर्म है : आचार्य पंडित श्री राममिलन जी शास्त्री

रतलाम। संसार का सबसे पहला धर्म सनातन है सनातन से ही सारे धर्म की उत्पत्ति हुई है सनातन धर्म में हम सभी की पूजा करते हैं सभी के प्रति स्नेह रखते हैं चाहे वह जीव हो या निर्जीव सनातन धर्म में हम पत्थर की भी पूजा करते हैं और जीवो के प्रति अहिंसा का भाव सनातन धर्म से ही उत्पन्न हुआ है इसलिए संसार का सर्वश्रेष्ठ धर्म अगर है तो वह है सनातन। उक्त उद्गार श्री शिव शक्ति धाम पर स्वर्गीय श्री जगदीश प्रसाद शर्मा व स्वर्गीय श्री रोहित शर्मा सहित पूर्वजों की प्रसन्नता के निमित्त दशरथ शर्मा द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का वाचन करते हुए प्रवक्ता आचार्य पंडित श्री राम मिलन जी शास्त्री वृंदावन द्वारा व्यक्त किये गए । पोथी पूजन मुख्य यजमान शारदा दशरथ शर्मा किया गया। कथा का समय दोपहर 2:00 से 6:00 बजे तक है।
कथा प्रवक्ता श्री राम मिलन शास्त्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि कथा सत्संग में जाना यदि आवश्यक तब तो यह समझना बड़ा ही जरूरी होता है की सत्संग का तात्पर्य कथा है सच्चा सत्संगी कभी भी ईर्ष्या, द्वेष ,घृणा से कोसों दूर रहता है सत्संगी सदैव सकल संसार की भलाई के निमित्त ही जीवन में जीता है। ध्रुव को नारद जी के सत्संग में ही परिवर्तित किया यदि सत्संग सुनने व सुनाने वाला के स्वभाव में परिवर्तन नहीं तो इसमें सुधार की बहुत गुंजाइश रहती है ध्रुव, प्रह्लाद, कबीर, मीरा ने सच्चा सत्संग किया तभी भगवत कृपा की प्राप्ति हुई । आज वामन अवतार रहा व कल दिनांक 28 जून रविवार को कृष्ण अवतार रहेगा। कथा के अंत में आरती संपन्न की गई। कथा में महिलाओं ने भजनों पर नृत्य किया व आनंद लिए इसमें गंगाबाई, विमला बाई, शारदा शर्मा, शोभा, शर्मा, अंजू शर्मा, कविता जी, मिशा जी सुरेंद्र शर्मा, खेमचंद शर्मा रमेश शर्मा ,प्रदीप शर्मा दीपक शर्मा ,सचिन शर्मा , हिमांशु शर्मा, अर्पित ,विनीत, अभिषेक,जयश, काव्या आशिका ,दर्शीका, शाश्वत, नाव्या, कनिष्क, शिवन, प्रियांशी, रचना शर्मा ,निर्दोष शर्मा, रेखा शुक्ला, विजय शुक्ला सहित क्षेत्र के रहवासी उपस्थित थे। यह जानकारी भागवत कथा आयोजक दशरथ शर्मा ने दी।

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