
जावरा (अभय सुराणा) । बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी अपने जमाने के प्रसिद्ध कवि दिनकर सोनवलकर दूरदृष्टा कवि थे। वे समाज की समस्याओं पर कटाक्ष करते थे तो शासन की व्यवस्थाओं पर गहरी चोट करते थे और सही दिशा दिखाते थे। उनके अंदर दार्शनिक गुण थे। सर्वश्रेष्ठ कविता वो, जिसे सुनने वाले को लगे कि ये मेरी बात है और यह विशेषता दिनकर जी की कविताओं में देखने को मिलती है।
ये विचार जावरा में 3 जून 23 को मध्यप्रदेश साहित्य परिषद,दिनकर सृजन संस्थान उज्जैन व अखिल भारतीय साहित्य परिषद जावरा द्वारा प्रसिद्ध कवि दिनकर सोनवलकर स्मृति व्याख्यान, नृत्य एवं रचनापाठ समारोह में अतिथियों ने व्यक्त किए। शनिवार, 3 जून 2023 को साहित्य अकादमी, मप्र संस्कृति परिषद, संस्कृति विभाग के इस आयोजन की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला, रतलाम ने की। मुख्य अतिथि रतलाम के कवि और गीतकार डॉ. प्रकाश उपाध्याय थे। डॉ. चांदनीवाला ने बताया दिनकर जी हमारे इतने प्रिय कवि थे कि उन्होंने स्वयं पहली बार साइकिल इसलिए खरीदी थी ताकि वे दिनकर जी से मिलने जा सकें। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे ने स्वागत उद्बोधन दिया। दिनकर सृजन संस्थान उज्जैन की अध्यक्ष डॉ. पंकजा सोनवलकर, सचिव आलोक गुप्ता, एडवोकेट संतोष मेड़तवाल भी उपस्थित थे। दिनकर जी के व्यक्तित्व पर केंद्रित डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तुति इंदौर के सीए जयंत गुप्ता ने दी। दुष्यंत की गज़ल प्रस्तुति संयुक्त आयुक्त और दिनकर जी के पुत्र प्रतीक सोनवलकर ने दी। दिनकर जी।की पौत्री दीक्षा सोनवलकर ने शिव वंदना की प्रस्तुति दी। पहाड़िया रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर सरस्वतीपुरम में हुए इस गरिमामय समारोह में रतलाम के कवि और गीतकार डॉ. प्रकाश उपाध्याय, इंदौर के इंटीरियर डेकोरेटर दीपक शर्मा, आनंद विभाग मप्र के उज्जैन जिला समन्वयक प्रवीण जोशी, साहित्य परिषद जावरा के एडवोकेट संतोष मेड़तवाल, कारुलाल जामड़ा स्थानीय संयोजक, विजय बाकलीवाल, अजय तिवारी, उमेदसिंह राठौर, मनोहर सिंह चौहान, डॉ. शेखर मेदमवार,प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय घटिया, सुधीर जोशी, अवधनारायण पालीवाल सहित शिक्षा और साहित्य जगत से जुड़ी विभूतियां उपस्थित थीं। आरंभ में दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम आयोजित हुआ।
अटलबिहारी वाजपेयी और दिनकर
अनेक कवियों के स्मृति समारोह शुरू
साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. दवे ने कहा
देश के प्रधानमंत्री रहे अटलबिहारी वाजपेयी, कवि दिनकर सोनवलकर,कवि प्रदीप और वीरेंद्र मिश्र जैसे कवियों के स्मृति समारोह भी अकादमी ने शुरू किए हैं। अकादमी ने पहली बार जावरा में यह स्मृति समारोह आयोजित किया है और आने वाले समय में छोटे छोटे गांवों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उज्जैन के कवि दिग्गज को दिनकर सृजन सम्मान
समारोह में डॉ. दवे ने उज्जैन के प्रसिद्ध हास्य कवि दिनेश दिग्गज को दिनकर सृजन सम्मान और कवि रमेश मनोहरा को साहित्य परिषद जावरा ने सम्मानित किया। उज्जैन की डॉ. प्रियंका नाग ,दिनेश दिग्गज सहित देवास के कुलदीप रंगीला, गुड़गांव के यशपाल सिंह भट्ट, रतलाम के जुझारसिंह भाटी, डॉ प्रकाश उपाध्याय जावरा,आलोट के नंदकिशोर अकेला, ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। डॉ प्रकाश उपाध्याय ने दिनकर सोनवलकर पर केंद्रित गीत की प्रस्तुति की।
ये जुबां हमसे सी नहीं जाती…
समारोह में संयुक्त आयुक्त सोनवलकर ने दुष्यंत की गज़ल “ये जुबां हमसे सी नहीं जाती… जिंदगी है कि जी नहीं जाती” की सुरबद्ध संगीतमय प्रस्तुति से सभी को मुग्ध कर दिया।
दो पुस्तकों का परिणय बंधन
समारोह में दिनकर जी के पुत्र प्रतीक सोनवलकर, संयुक्त आयुक्त मप्र शासन की पुस्तक अंतस के शब्द और पुत्रवधु डॉ. पंकजा सोनवलकर की पुस्तक प्रेम पारिजात के फूलों सा, का विमोचन किया गया। डॉ. चांदनीवाला ने कहा आज समारोह में दो पुस्तकों का परिणय बंधन हो गया। दीक्षा सोनवलकर ने पुस्तकों की एक एक रचना का वाचन किया। संचालन प्रो सुरेश मेहता व आभार डॉ पंकजा सोनवलकर ने माना।