सुख भौतिकता में नहीं है आध्यात्मिकता में है – परम पूज्य गुरूदेव गणि श्री कल्याण रत्न विजय जी म. सा.

रतलाम। हमारी जिंदगी छोटी सी है, कितना जिएंगे पता नही, क्यों न बाकी बची जिंदगी शांति से रहें, क्यों ना हम आनंद से जिए, ऐसा जिए कि जब तक मोक्ष ना आए शांति से जिए ।
अपने भविष्य का निर्माण हम स्वयं कर सकते हैं, दूसरा कोई नहीं भविष्य का निर्माण स्वयं ही कर सकते हैं देव भी नही इन्द्र भी नही कर सकते । उक्त प्रवचन नीमचौक स्थानक पर विराजित परम पूज्य गुरूदेव गणि श्री कल्याण रत्न विजय जी महाराज साहब ने महति धर्म सभा को संबोधित करते हुए प्रदान किये।
आगे पूज्य गुरुदेव ने फरमाया की जिसका दिल अच्छा उसका भविष्य अच्छा, अच्छे दिल को परिभाषित करते हुए गुरुदेव ने कहा कि जिसको कोई चाह नही, अशुभ भाव नहीं वही अच्छा दिल होता है । किसी के आगे निकलने की चाह में व्यक्ति गलत दिशा में चला जाता है और उसके बाद बुरे लोगों के बीच फंस जाता है । आपको बुरे लोग परेशान नहीं करते हैं बल्कि आपकी गलत दिशा परेशानी का कारण बनती है ।
संसार एक फिल्म है यह समझकर व्यवहार करना चाहिए तो ही सुखी रहोगे आप तो केवल एक्टर है डायरेक्टर तो कर्म है जीवन का उद्देश्य सुख में रहना सभी को सुखी रखना । किसी दूसरे के कारण हमारा जीवन प्रभावित नहीं होना चाहिए मुश्किलों से मत घबराओ उससे प्यार करो ।
सुख भौतिकता में नहीं है आध्यात्मिकता में है, आज व्यक्ति व्यक्ति से जुड़ा हुआ नहीं पैसे से जुड़ा हुआ है । पैसा एक भव में सुख दे सकता है आध्यात्मिक सुख अनंत भव में सुख प्राप्ति का मार्ग है ।
दूसरों को बदलने से पहले स्वंय बदलो, कर्म करो और जहां कर्तव्य है वहां शत प्रतिशत करो लेकिन जहां आपका कर्तव्य नहीं है वहा अनावश्यक दखल अंदाजी मत करो । धर्म सभा में नीम चौक श्रीसंघ सहित बड़ी बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे ।
कार्यक्रम का संचालन महामंत्री विनोद बाफना द्वारा एवं आभार आराधना भवन श्रीसंघ के महामन्त्री हिम्मत गेलडा द्वारा व्यक्त किया गया ।
आराधना भवन श्री संघ के अमृत जैन ने बताया कि पूज्य गुरुदेव श्री कल्याण रत्न विजय जी महाराज साहब आदि साधु भगवंत नीम चौक स्थानक पर अभी विराजित रहेंगे।
कल दिनाँक 06 जून के प्रवचन बजाज खाना स्थित द क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन के हाल में प्रातः 09 से 10 होंगे एंव रात्रि 8.30से 09.30 पुरुषों के लिए धर्म चर्चा नीमचौक स्थानक पर रहेगी।

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