उज्जैन। विश्व क्लबफुट दिवस का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर रौनक अल्ची (आरबीएसके नोडल) की अध्यक्षता में किया गया। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से विसंगतियों के साथ पैदा होने वाले बच्चों को मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। क्लबफुट एक ऐसा ही जन्म दोष है, जिसमे जन्म से बच्चे के पैर अंदर की ओर मुड़ हुए होते हैं। ये जानकारी विश्व क्लबफुट दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में जिला शीघ्र हस्त क्षेत्र केंद्र प्रबंधक विनिशा सोलंकी ने दी। उन्होंने क्लब फुट विकृति से ग्रसित बच्चों के मात-पिता को पांच साल तक इलाज करने के बारे में जागरूक किया। साथ ही बताया कि इस विकृति का उपचार अब संभव है। फिलहाल 32 बच्चों का इलाज जिले के जिला सिविल अस्पताल में चल रहा है, क्लबफुट से प्रभावित बच्चों का पोंसेटी विधि द्वारा तीन चरणों में बहुत आसानी से इलाज किया जाता है, जिसमे प्रथम चरण कास्टिंग का रहता है, क्लब फुट के बच्चों को लगातार चार से आठ सप्ताह तक हर हफ्ते कास्ट (प्लास्टर) चढ़ाया जाता है। दूसरे चरण में टेनोटोमी एक छोटी सी कार्यविधि, जिसमे अकिलीज टेंडन काट दिए जाते हैं जो बाद में सामान्य आकृति में आ जाते हैं। तीसरा चरण ब्रेसिंग का रहता है जोकि तीन से पांच सालों तक चलता है। अनुष्का फाउंडेशन(मिरेकल फीट इंडिया) एक गैर सरकारी संगठन है जो क्लब फुट की समस्या के उपचार के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के साथ साझेदारी में काम करता है।
संस्था क्लबफुट से ग्रसित बच्चों को 4-5 साल तक मुफ्त ब्रेस (जूते) प्रदान करती है। जब तक कि उसके पंजे पूरी तरह ठीक नहीं हो जाते हैं। अनुष्का फाउंडेशन के जिला प्रोग्राम एक्जयूकेटिव आदर्श दुबे ने बताया कि उक्त संस्था द्वारा फुट ब्रेसेस पूरे उपचार चक्र के दौरान पैर के लिए बिलकुल निशुल्क प्रदान किए जाते हैं और माह के प्रत्येक गुरुवार को क्लब फुट से प्रभावित बच्चों का पोंसेटी विधि द्वारा तीन चरणों में बहुत आसानी से इलाज किया जाता है । उपचार हेतु 9987064921 नंबर पर या जिला सिविल अस्पताल के जिला शीघ्र हस्तक्षेत्र केंद्र (ष्ठश्वढ्ढष्ट) मे संपर्क करे। साथ ही जीन बच्चों का पूर्व से ही कोई अन्य स्थान पर उपचार चलरहा हो वह भी नि: शुल्क परामार्स और जूते ले सकते है। फिजियोथैरेपिस्ट द्वारा उपचार प्रोटोकॉल और जागरूकता व्यायाम के बारे में जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ परामर्श सहायता भी प्रदान की जाती है। विश्व क्लबफुट दिवस पर कुल 6 बच्चे अपने अभिभावकों के साथ उपस्थित थे।