पशुओं का निर्यात आध्यात्मिक संस्कृति को कत्ल करने के समान है – राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश

इंदौर 71 स्कीम जैन आराधना भवन 16 जून 2023 । भारत सरकार पशु मंत्रालय की ओर से जीवित पशुओं का निर्यात करने के फैसले को कड़ी फटकार लगाते हुए राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेश ने क्रांतिकारी लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को तत्काल हस्तक्षेप करके इसे रोकना चाहिए नहीं तो जनता को सत्ता सौंपना आता है तो धूल चटाना भी आता है।
उन्होंने कहा कि थाईलैंड जैसे देश से गोबर आयात करना और पशु का निर्यात करना सरकार की बुद्धि का दिवालियापन है। मुनि कमलेश ने बताया कि अंग्रेज और मुगल काल से भी तथाकथित आजादी में और से बुरे दिन देखने को मजबूर होना पड़ रहा है लोकतंत्र के नाम पर कलंक है।
राष्ट्रसंत ने बताया कि पशुओं का निर्यात आध्यात्मिक संस्कृति को कत्ल करने के समान है। रामकृष्ण महावीर गुरु नानक के सिद्धांतों को पांव तले कुचलने का काम सरकार कर रही है अक्षम्य अपराध है।
राष्ट्रीय सर्व धर्म संसद के राष्ट्रीय चेयरमैन मुनि कमलेश ने संपूर्ण देशवासियों से आव्हान किया कि 17 जून अंतिम तारीख है। 135 करोड़ जनता इसके खिलाफ खड़ी हो जाए सरकार को प्रस्ताव वापस लेने को मजबूर कर दे नहीं तो इतिहास में कभी माफ नहीं करेगा।
इमाम अखलाक अहमद ने केंद्र से कहा मुस्लिम समाज खामोश नहीं रहेगी हम हमारी कुर्बानी देकर भी इस कानून को रोकेंगे।
ग्रंथि राजपाल सिंह ने कहा अकाल तख्त से फतवा जारी करवाए जाएगा पशुधन का कोई विकल्प नहीं है। शंकराचार्य महामंडलेश्वर महंत अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने स्पष्ट कहा एक भी संत जिंदा रहेगा तब तक सरकार की योजना सफल नहीं होने देंगे।
बौद्ध धर्म के लामा लॉन्ग जंग ने आतंकवाद से भी खतरनाक बताया कि सरकार को जनता माफ नहीं करेगी। फादर रेवरेंट पैट्रिक बढ़ती जनसंख्या और भरता पशुधन पर्यावरण के लिए खतरनाक संकेत स्वास्थ्य और आर्थिकता के लिएके लिए ऑक्सीजन से महत्वपूर्ण है।
अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई राष्ट्रीय मुस्लिम अहिंसा मंच नई दिल्ली सर्व धर्म संसद नई दिल्ली अखिल भारतीय सत्संग नई दिल्ली अखिल भारतीय अहिंसा संघ नई दिल्ली राष्ट्रीय सर्व धर्म गौ रक्षा समितिसहित सैकड़ों राष्ट्रीय संस्थाओं ने मिलकर इस कलंक को धोने की कसम खाई है जो पशु निर्यात का कल विरोध नहीं करेगा माना जाएगा बस सरकार की नीति का समर्थन कर रहा है।