रतलाम 18 जून 2023। विश्व सिकल सेल दिवस 19 जून के अवसर पर जिले के जिला चिकित्सालय रतलाम व सैलाना और बाजना स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य जॉच शिविर का आयोजन किया जाएगा।
सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर ननावरे ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया एक अनुवांशिक बीमारी है जो केवल माता पिता से बच्चों में होती है। इससे बचाव के लिए विवाह से पहले कन्या एवं वर की विवाह से पहले रक्त की जॉच कराना आवश्यक है। सिकल सेल बीमारी के दो प्रकार के प्रकरण मिलते हैं जिसके अंतर्गत पहले प्रकार के अंतर्गत सिकल सेल एनीमिया से पीडित मरीज मिलते है जिनमें बीमारी के लक्षण भी होते है। दूसरे प्रकार के लोगों केवल सिकल सेल के वाहक होते हैं अर्थात ऐसे वाहकों में लक्षण नहीं होते किंतु रोग का संचरण आगामी पीढि में कर सकते हैं।
विवाह के समय यदि सिकल सेल पीडित व्यक्ति का सिकल सेल पीडित के साथ विवाह होता है तो आने वाली संतान भी सिकल सेल पीडित होती है। सिकल सेल वाहक व्यक्ति का विवाह सिकल सेल वाहक व्यक्ति से होता है तो आने वाली संतान सिकल सेल पीडित होती है किंतु सिकल सेल पीडित व्यक्ति का विवाह सामान्य व्यक्ति से होने अथवा सिकल सेल वाहक व्यक्ति का विवाह सामान्य व्यक्ति से होने पर सिकल सेल पीडित होने का खतरा तुलनात्मक रूप से कम होता है। सिकल सेल पीडित व्यक्ति की रक्त कोशिकाओं का आकार हंसिए जैसा होने के कारण बीमारी को सिकल सेल के नाम से पुकारा जाता है।
बीमारी का स्थायी उपचार ना होने से बचाव के प्रयास करना आवश्यक है । बीमारी के प्रमुख लक्षणों में शारीरिक कमजोरी का अनुभव होना, रक्त की कमी, शारीरिक विकास नहीं होना, उदर बडा होना आदि मुख्य है। सिकल सेल अनीमिया से पीडित व्यक्ति को सकारात्मक वातावरण दिया जाना चाहिए। नियमित व्यायाम करना चाहिए, तेलीय पदार्थों का उपयोग नहीं करना, रक्त की कमी दूर करने वाले पदार्थों का उपयोग करना चाहिए।