





पुणे। जय जिनेंद्र प्रतिष्ठान गंगाधाम में 108 चमत्कारी महाप्रभाविक श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ महापूजन हर्षोल्लासमय वातावरण में संपन्न हुआ। परोपकार सम्राट आचार्यदेव श्री ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा.के आज्ञानुवर्ती शिष्य पंचम वर्षीतप तपस्वी वरिष्ठ मुनिप्रवर श्री पीयूषचंद्र विजयजी म.सा., महापूजन के शिल्पकार मुनिराज श्री रजतचद्र विजयजी,सेवाभावी मुनिश्री प्रीतियश विजयजी म.सा.आदि ठाणा की पावन निश्रा में पुणे महानगर में सर्वप्रथम बार इस विराट अनुपम महापूजन का सफलतम आयोजन किया गया। इस महापूजन के लाभार्थी श्री यतीन शांतिलालजी पारेख (लापोद) वाले एवं श्री शैलेश छगनलालजी राठौड़ (वडगांव) वाले थे। श्री चिंतामणि दादा का सुरम्य फोटो,दादा गुरुदेव का एवं परोपकार सम्राट का अनुपम फोटो तथा निश्रा दाता के फोटो के साथ प्रभुजी के सिंहासन मंडल विधान स्थल को सुवासित फूलों के डेकोरेशन से महका दिया था।
प्रात 9:00 बजे से विशिष्ट एवं विविध मंत्रों के साथ यह महाअनुष्ठान प्रारंभ हुआ जो करिब दोप. 2:30 बजे महाआरती के साथ पूर्ण हुआ। पूजन के वस्त्रों में मुकुटधारी लाभार्थी व पूजनार्थी देवसमुह से प्रतित हो रहे थे। सभी के पास बाजोट थाली में श्री चिंतामणि दादा का गोल्डन प्लेटेड दुर्लभ यंत्र एवं समस्त पूजन सामग्री व जाप माला थी। बंधु बेलड़ी ने सुंदर भक्तिमय वातावरण के साथ पूजन का महत्व पार्श्वनाथ दादा की महिमा बताई। मुनि प्रीतियश विजयजी ने भी दिशा निर्देश किया। पंचधान से बने सुंदर मांडले पर विविध सामग्री से अनेकों वलय में पूजन किया गया। मंडल विधान में स्फटिक रत्न के पार्श्वदादा विराजित थे। गायक देवेंद्र पवार के साथ भक्तगण नाचते झूमते भक्तिमय बने। विराग शाह ने विधि कराई। लाभार्थी परिवार के बच्चों एवं मित्र मंडली ने सुंदर सेवाएं दी। तलेगांव से पधारे श्रीसंघ व ट्रस्ट मंडल ने 28 जून मंगल प्रवेश पर सभी को पधारने की विनंती की। प्रभुजी की आरती व मंगल दिवा आरती लाभार्थी परिवार ने की। इस मौके पर भक्तों की श्रद्धा व आग्रह से दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्र सूरीश्वरजी म.सा.की आरती की गई,जिसका लाभ आकुर्डी के परम गुरुभक्त भंवरजी,भावेश विपिन सुराणा परिवार ने उत्कृष्ट बोली से प्राप्त किया। लाभार्थी परिवार ने मुनित्रय को कामली ओढाई एवं गुरुपूजा की। पश्चात लाभार्थी परिवार की बेटी-बहू ने अपने मातुश्री के पाद प्रक्षालन किये व मातृ वंदनावली कार्यक्रम किया गया। प्रात: नाश्ता दोप. स्वामीवात्सल्य एवं श्रीफल प्रभावना का लाभ पारेख व राठौड़ परिवार ने लिया। पुणे जिले के कई श्रीसंघ इस आयोजन में पधारे।