


इंदौर सुखदेव नगर जैन उपाश्रय 19 जून 2023 । योग आध्यात्मिक साधना का आधार स्तंभ है जिसके माध्यम से आत्मा की अनंत शक्ति का साक्षात्कार किया जा सकता है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि चाहे नवाज हो या सूर्य नमस्कार के रूप में योगा को सभी धर्मों ने स्वीकार करते हुए धर्म का अभिन्न अंग माना है।
उन्होंने कहा कि योग से आत्मा निर्मल होती है शरीर निरोग होता है विचारों में पवित्र ता का संचार होता है एक रामबाण औषधि के समान है।
मुनि कमलेश ने कहा कि योग को किसी धर्म अथवा मजहब के नजरिए से देखना मना करना अथवा अपनाना गौर अज्ञानता का परिचय है।
राष्ट्र संत ने कहा कि योग को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलना दुनिया दीवानी होना इसका लोहा मानना विश्व गुरु के रूप में हिंदुस्तान वापस महा मंडित होना है। जैन संत ने बताया कि भोजन से भी योगा ज्यादा महत्वपूर्ण है असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योगा दिवस मनाने का आह्वान करते हुए कहा कि 365 दिन ही नियमित इसका उपयोग करना चाहिए। प्रकाश ओस्तवाल, मोतीलाल जेलमी, विजय डांगी, रतन सोनी, सुनील नाहर, पवन पीपाड़ा, सभी ने मुनि कमलेश का अभिनंदन किया।