


इंदौर (कालानी नगर जैन उपाश्रय 20 जून 2023) । एकता की नींव पर ही अहिंसा की मंजिल खड़ी की जा सकती है एकता ही उपासना आराधना साधना मोक्ष से भी बढ़कर है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने जैन उपाश्रय में एकता सम्मेलन को संबोधित करते कहा कि एकता में विश्वास नहीं अहिंसा उसके पास नहीं। उन्होंने कहा कि कलयुग में संगठन से बड़ा और कोई धर्म नहीं हो सकता जिससे दूसरी पल में सफलता मिल जाती है।
मुनि कमलेश ने बताया कि धागे अलग-अलग पड़े हैं तो शक्तिहीन और कचरे के रूप में नजर आएंगे उनको रस्सी का रूप दिया जाए तो हाथी बांधने की क्षमता उसमें आ जाती है धर्म का प्राण ही संगठन है।
राष्ट्रसंत ने स्पष्ट कहा कि महापुरुषों ने अपने से भी संगठन को सर्वोपरि माना उसके लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। जैन संत ने कहा कि संगठन किसी भी नाम से हो उसका लक्ष्य उद्देश्य समन्वय प्रेम और एकता का है तो पूजनीय बनता है। मूर्तिपूजक परम श्रद्धेयप्रवर आनंद सागर जी ने कहा कि परस्पर समन्वय होगा एकता होगी सभी युवा पीढ़ी धर्म की ओर आकर्षित होगी
महासती सौम्य श्री जी ने कहा कि महावीर प्रभु की संतान भी आपस में प्रेम से नहीं रह सकती तो विश्व को क्या संदेश देगी हम समन्वय में नहीं आएंगे तो इतिहास माफ नहीं करेगा महावीर के सपूत भी नहीं कहलाएंगे।
इस पावन पर्व पर कमलेश कोठारी की ओर से 108 वर्षी तप करने वाले साधकों का अभिनंदन किया गया गुरु भगवन ने आशीर्वाद प्रदान किया चारों मैंने एक साथ मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
भारत सरकार के प्रोटोकाल के तहत आयोजित 21 जून को राष्ट्रसंत कमल मुनि कमलेशके सानिध्य में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अग्रसेन धाम फूटी कोठी प्रातः 6:30 आस्था योग क्रांति अभियान परिवार सूर्या फाउंडेशन नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में होगा