तपस्वीश्री दिलीपमुनिजी के वर्षावास को आराधना के माध्यम से सफल एवं ऐतिहासिक बनाने हेतु चातुर्मास समिति की बैठक का आयोजन हुआ

रतलाम। श्रीधर्मदास जैन श्री संघ रतलाम द्वारा संत मंडल के 2023 के वर्षावास को आराधना के माध्यम से सफल एवं ऐतिहासिक बनाने हेतु एक बैठक का आयोजन प्रसिद्ध करमदी तीर्थ पर किया गया। गौरतलब है कि इस बार आचार्यश्री उमेशमुनिजी के सुशिष्य प्रवर्तकश्री जिनेंद्रमुनिजी के आज्ञानुवर्ती तपस्वीश्री दिलीपमुनिजी, रविमुनिजी, आदित्यमुनिजी व रतलाम गौरव अमृतमुनिजी ठाणा 4 का इस वर्ष का वर्षावास श्री धर्मदास जैन मित्र मण्डल नौलाईपुरा स्थानक पर होगा। वर्षावास को लेकर श्रीसंघ में अतिउत्साह छलक रहा है। हर किसी ने वर्षावास के दौरान अपनी शक्ति अनुसार तप आदि विभिन्न आराधना करने का मन बना लिया है।
मंगलाचरण से हुई बैठक प्रारंभ
सभा का प्रारंभ मंगलाचरण एवं अणु स्तुति से किया गया। श्रीसंघ अध्यक्ष अशोक चतुर ने सभा में चातुर्मास हेतु गठित समिति, दो मार्गदर्शक, एक संयोजक व दो सहसंयोजक मनोनीत की जाने की जानकारी दी एवं पिछले वर्ष के आय-व्यय का ब्योरा प्रस्तुत किया।
नवीन स्थानक भवन निर्माण का दिया सुझाव
धर्मदास गण परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शांतिलाल भण्डारी के द्वारा तपस्वी दिलीपमुनिजी के लिमड़ी एवं बड़नगर के सफल वर्षावास की जानकारी दी गई, जहाँ तपस्याओं की झड़ी लग गई थी। हमें भी रतलाम में तपस्वी आत्माओं के चातुर्मास में ऐसी ही धर्म, ध्यान, ज्ञान, जप आदि विभिन्न आराधना के साथ तपस्या की अकल्पनीय झड़ी लगाकर चातुर्मास को सफल एवं ऐतिहासिक बनाना है। श्रीभंडारी ने एक नवीन भव्य स्थानक भवन निर्माण करने हेतु सुझाव देकर समिति गठित करने का भी मार्गदर्शन दिया व चातुर्मास में अधिक से अधिक धर्म आराधना करने का आह्वान किया।
वर्षावास का भरपूर लाभ लेना है
नव मनोनीत चातुर्मास समिति संयोजक हस्तीमल चौपड़ा ने अपने मनोनयन के प्रति सभी का आभार व्यक्त कर उपस्थित सभी सदस्यों को चार्तुमास में अधिक से अधिक दर्शन, वंदन, तपस्या आदि करने का निवेदन किया। पूर्व संघ अध्यक्ष अरविंद मेहता ने कहा कि बड़ी पुण्यवानी एवं प्रवर्तकश्रीजी की असीम कृपा से संघ को यह चातुर्मास प्राप्त हुआ है। इसका भरपूर लाभ लेकर ऐसी आराधना करना है कि उसकी खुशबू प्रवर्तकश्रीजी तक पहुंच जाए। वहीं चातुर्मास समिति के गठन पर संघ अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारियों का हृदय से आभार माना एवं अणु मित्र मंडल को खुब-खुब धन्यवाद दिया।
पक्खी मंडल गठन का सुझाव दिया
युवा स्वाध्यायी श्रेयांस चौरड़िया ने पक्खी पर्व पर अधिक से अधिक आराधना करने का निवेदन किया एवं पक्खी मंडल के गठन का सुझाव दिया। चातुर्मास समिति के सहसंयोजक रजनीकांत झामर ने भोजनशाला हेतु अतिथि व्यवस्था की जानकारी दी। अशोक वोहरा ने भी विचार रखे। राजेश कोठारी ने उदारमना दानदाताओं द्वारा चातुर्मास हेतु घोषित दान राशि की सूची का वाचन किया गया। सह संयोजक श्रीपाल मांडोत ने आभार व्यक्त किया। बैठक के पश्चात स्नेहभोज का आयोजन हुआ। इस अवसर पर संघ के वरिष्ठ श्रावक, श्राविकाएं एवं अणु मित्र मंडल, अणुश्री श्राविका मंडल, अणुश्री बालिका मण्डल आदि के पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे। संचालन सौरभ कोठारी ने किया।
संलग्न फोटो : रतलाम 21 जून 01 व 02रतलाम के प्रसिद्ध करमदी तीर्थ पर आयोजित बैठक में श्रीधर्मदास जैन मित्र मंडल नौलाईपुरा स्थानक पर होने वाले वर्षावास को सफल बनाने हेतु श्रीधर्मदास जैन श्रीसंघ, अणु मित्र मंडल, अणुश्री श्राविका मंडल, अणुश्री बालिका मण्डल के उपस्थित पदाधिकारी व सदस्य आवश्यक विचार विमर्श करते हुए।z