योग सांस्कृतिक विरासत का महापर्व है

25 जून को स्व. मनीषा अग्रवाल की स्मृति में विशाल रक्तदान शिविर का होगा आयोजन

रतलाम । योग की अवधारणा आपस में जोड़ने और जुडऩे की है 5000 वर्ष पुरानी इस सांस्कृतिक आध्यात्मिक और शारीरिक विधा को भारतीय समुदाय के साथ-साथ पूरा विश्व अपना रहा है यह हम सब के लिए बड़े गौरवान्वित होने वाली बात है । योग ही हमें शारीरिक रूप से स्वस्थ और बौद्धिक रूप से उत्कृष्ट विचारों से युक्त करता है असली प्रत्येक व्यक्ति को योग से जुड़कर अपनी आंतरिक ऊर्जा को बढ़ाना चाहिए ।
उपरोक्त विचार अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर संस्था परस्पर द्वारा कालिका माता उद्यान में आयोजित योग शिविर में उपस्थित संस्था के पदाधिकारियों के बीच व्यक्त किए । आपने कहा कि योग हमें शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ बनाता है, हमारी दिनचर्या और गतिविधियों में ताजगी का एहसास होता है और आज यही कारण है कि दुनिया भर के लोग योग से जुड़ रहे हैं यह हमारे लिए बड़े गर्व की बात है ।
इस अवसर पर संस्था के प्रदीप लोढ़ा एवं शैलेंद्र व्यास ने उपस्थित लोगों को योग की विभिन्न क्रियाओं द्वारा आसन कराएं । विशेषकर भिन्न-भिन्न प्रकार की तालियां बजाकर स्वस्थ शरीर निर्माण का संदेश दिया गया । इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष महेश अग्रवाल ने कहा कि हम प्रतिवर्ष 21 जून को लोगों के लिए योग शिविर का आयोजन करेंगे साथ ही आगामी 25 जून को संस्था द्वारा स्व. मनीषा अग्रवाल की स्मृति में कॉलेज रोड स्थित ब्लड बैंक मैं विशाल रक्तदान शिविर आयोजित करेगी। इस अवसर पर अभय सुराणा, अभय लोढ़ा, महेश व्यास, महेंद्र जैन, रमेश पोरवाल, मनीष शर्मा, माणक अग्रवाल, विनोद पांचाल, मनीष बौहरा, मिलन राखेचा, राजेंद्र कसेरा, संदीप, संजय, अमित डांगी, सचिन गेलड़ा आदि उपस्थित थे । संचालन मनीष शर्मा ने किया आभार सचिन गेलड़ा ने माना ।