मानवीय रिश्तो में मधुरता का संचार करें यही मोक्ष का मार्ग है – राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश

इंदौर (उषा नगर जैन स्थानक 27 जून 2023) । उपासना पद्धति आत्म शुद्धि के लिए होती है यदि उसी के निमित्त से राग और द्वेष पैदा होती है तो अमृत जैसी साधना भी जहर के रूप में परिवर्तित हो जाती है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने उषा नगर चातुर्मास मंगल प्रवेश परसंबोधित करते कहा कि उपासना के माध्यम से कसायों का शमन हो तभीआत्म कल्याण में सहयोगी बनती है ।उन्होंने कहा कि निर्मलता सरलता सद्भाव और वात्सल्य जब तक अंतर भाव में छलकते नहीं है तब तक धार्मिकता में प्रवेश नहीं है । मुनि कमलेश ने बताया कि धर्म की ओट में फिरका परस्ती अलगाव नफरत कट्टरता निर्मित होती हैअपने आप में अधर्म पाप के समान है । राष्ट्रसंत ने कहा कि मानवीय रिश्तो में मधुरता का संचार करें यही मोक्ष का मार्ग है इसके बिना सम्यक दर्शन भी प्राप्त नहीं होता है ।
अभी ग्रह धारी श्री राजेश मुनि जी ने कहा कि हम कुत्ते बिल्ली गरीब और गाय की सेवा कर सकते हैं लेकिन इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है जब क्रिया कांड को लेकर साधना में लीनआत्मा का तिरस्कार करते हैं। श्री राजेश मुनि जी के चातुर्मास के मंगल प्रवेश समाजवादी नगर से भव्य जुलूस के रूप में प्रारंभ हुआ वहां पर दो लाख की राशि भवन की एकत्रित हुई प्रवेश जुलूस उषा नगर पहुंचा सकल श्वेतांबर जैन समाज उत्साह पूर्वक भाग लिया।