

इंदौर महावीर भवन 12 जुलाई 2023 । भोगवाद की पाश्चात्य संस्कृति के रंग में रंगे हुए गले तक डूब कर आध्यात्मिकता की दुहाई देना स्वयं के साथ छलावा धर्म और परमात्मा के साथ सरासर धोखा है विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने विश्व सादगी दिवस पर संबोधित करते कहा कि विलासिता और आध्यात्मिकता में 36 का आंकड़ा है।
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि आध्यात्मिक धर्मस्थल की प्राचीन परंपराओं को भी को भी भौतिकवाद की परिधि में लाकर खड़ा कर दिया मूल स्वरूप को विकृत करने का काम सिद्धांतों के साथ कुठाराघात करने के समान है।
मुनि कमलेश ने कहा कि पाश्चात्य संस्कृति अशांति रोग की जननी है जिसका लक्ष्य पशु के समान जीवन यापन करना इससे मुक्त हुए बिना अध्यात्म का आनंद नहीं आ सकता। राष्ट्रसंत ने कहा कि पूरा विश्व और विज्ञान भारतीय संस्कृति का लोहा मान रहा है जो विज्ञान की कसौटी पर 100% खरा उतरा है इसी के सहारे विश्व गुरु बनने का सौभाग्य मिला है इसके बिना तीनो लोक की संपत्ति दान देकर भी शांति की प्राप्ति नहीं हो सकती।
महासती रश्मि कौशल मुनि अक्षत मुनि घनश्याम मुनि ने विचार व्यक्त किए। आचार्य सम्राट आनंद ऋषि जी एवं उपाध्याय श्री कमल मुनि जी जन्म जयंती तथा मालव केसरी श्री सौभाग्य मलजी महाराज की पुण्यतिथि 16 जुलाई को विश्व शांति एवं सद्भावना दिवस के रूप में प्रातः 9:00 महावीर भवन राजवाड़ा इंदौर में मुनि कमलेश के सानिध्य में मनाई जाएगी।