इंदौर। पूज्य श्री वीररत्न सूरीश्वरजी म.सा. के देवलोकगमन से जैन समाज क्षुब्ध है। मातमोर तीर्थ आपकी कल्पना के अनुसार सभी को सुकून शांति और प्रभु भक्ति के निकट ले जाकर आत्म ज्ञान प्राप्ति का परिसर सदैव आपकी याद दिलाता रहेगा। यह प्रकृति का सत्य है कि जो जीवन पाएगा उसकी एक तय उम्र रहेगी, परंतु उसके ज्ञान तप तपस्या और सदाचरण को वर्षों तक लोगों को मार्गदर्शन देते रहेंगे। इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ़ जैन फोरम परिवार की ओर से विनम्र श्रद्धांजली अशोक मेहता, कांतिलाल बम, डॉ प्रकाश बांगानी, भरत मोदी, निर्मल कासलीवाल, कैलाश वेद, नरेंद्र वेद, कैलाश नाहर, विजय मेहता, राकेश जैन, राजीव भानावत, डॉ नरेंद्र धाकड़, प्रकाश भटेवरा, रमेश भंडारी, अशोक बड़जात्या, अक्षय बम, स्वप्निल कोठारी, जयेश कोठारी, पीयूष जैन, डीके जैन, इंदर सेठी, कैलाश लुहाडिया, शांता भामावत, राजेश जैन, संजय जैन, महेंद्र बाफना, ललित जैन, भगवंत सिंह नागोरी, अनिल भोजे, अशोक मांडलिक, महेश डाकोनिया, नकुल पाटोदी, निलेश राका, प्रदीप बड़जात्या, विरेंद्र बड़जात्या, प्रमोद डफरिया, सुरेंद्र बड़जात्या, रविंद्र काला, राजेश चोर्डिया, कमलेश सोजतिया, जिनेंद्र जैन, संतोष मामा, सुभाष विनायका एवं हजारों साथी परिवार द्वारा दी गई ।