- उज्जैन के होगा 24 व 25 अक्टूबर को होगा राष्ट्रीय अधिवेशन एवं कायस्थ महाकुंभ
- युवा युवती विधवा विधुर तलाकशुदा दिव्यांग परिचय सम्मेलन भी होगा , पहली बार केबिन में आमने-सामने जीवनसाथी से संवाद का अवसर • 15 से अधिक राज्यों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 में कायस्थ समाज की क्या भूमिका रहेगी, समाज की ओर से किस तरह के सेवा कार्य किए जाएंगे और सिंहस्थ के दौरान समाज किस प्रकार अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेगा, इसे लेकर आगामी 24 एवं 25 अक्टूबर 2026 को उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउंड में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन एवं कायस्थ महाकुंभ–2026 में दो दिवसीय व्यापक मंथन किया जाएगा।
कार्यक्रम संयोजक दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि बाबा महाकाल की पावन नगरी में आयोजित होने जा रहे इस राष्ट्रीय आयोजन को लेकर इंदौर रोड स्थित प्रियांजली गार्डन में एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में कायस्थ समाज की विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, समाजबंधु एवं बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता की और आयोजन को भव्य एवं सुव्यवस्थित बनाने को लेकर अपने सुझाव रखे।
उर्मिला श्रीवास्तव ने कहा कि समाजबंधुओं ने एक स्वर में कहा कि सिंहस्थ 2028 उज्जैन के लिए देश और दुनिया का महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, इसलिए कायस्थ समाज भी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना के साथ इसमें सक्रिय सहभागिता करेगा। अनुपमा श्रीवास्तव ने सुझाव देते हुए सिंहस्थ के दौरान संभावित अन्न सेवा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सहायता, श्रद्धालु सहायता, स्वच्छता, सेवा शिविर एवं अन्य जनसेवा गतिविधियों को लेकर विचार रखने की बात कही गई।
15 से अधिक राज्यों से आएंगे समाज के प्रतिनिधि –
वरिष्ठ समाज सेवी मोतीलाल श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि
राष्ट्रीय अधिवेशन एवं कायस्थ महाकुंभ में देश के विभिन्न हिस्सों से समाज के प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। 15 से अधिक राज्यों से समाज की विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उज्जैन पहुंचेंगे। हमे सबके लिए भोजन आवास दर्शन की सुव्यवस्था करना चाहिए। वहीं संजय श्रीवास्तव ने विचार रखा कि विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े राजनेता, अधिकारी, कर्मचारी, पूर्व न्यायाधीश, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, किसान, युवा एवं महिला प्रतिनिधि भी सहभागिता करेंगे। इससे लगता है कि लगभग 5000 से अधिक समाजबंधुओं की उपस्थिति का अनुमान है।
35 वर्ष बाद उज्जैन में राष्ट्रीय स्तर का विशाल आयोजन……..
कार्यक्रम संयोजक दिनेश श्रीवास्तव के मुताबिक लगभग 35 वर्षों के बाद उज्जैन के इतिहास में राष्ट्रीय स्तर का इतना व्यापक एवं विशाल कायस्थ आयोजन आयोजित किया जा रहा है। 24 एवं 25 अक्टूबर को कार्तिक मेला ग्राउंड में होने वाले इस महाकुंभ में समाज की विभिन्न संस्थाओं की सहभागिता के साथ सामाजिक, धार्मिक एवं संगठनात्मक विषयों पर चर्चा होगी।
आयोजन में परिचय सम्मेलन, संस्था समागम, राष्ट्रीय कायस्थ गौरव अवॉर्ड, युवा महापंचायत, नारी प्रेरणा संगम, व्यापारी सम्मेलन, किसान सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित विभिन्न गतिविधियां प्रस्तावित हैं।
युवा युवती विधवा विधुर तलाकशुदा हेतु परिचय …….
पहली बार मन पसंद हमसफर से कैबिन में बैठकर बात कर सकेंगे
बायोडाटा समिति संयोजक श्रीमती नेहा श्रीवास्तव व शशि श्रीवास्तव ने कहा कि इस बार परिचय सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रत्याशी को सीधे मंच पर जाकर परिचय नहीं देना होगा उसका स्वागत कर परिचय संचालक देगा और उन्हें अपने होने वाले हम सफर से बात करने के लिए कैबिन सुविधा प्रदान की जाएगी ।
महाकुंभ का वैवाहिक परिचय सम्मेलन भी विशेष आकर्षण रहेगा।
आयोजकों का कहना है कि विवाह जीवन का महत्वपूर्ण निर्णय है, इसलिए परिवारों की उपस्थिति और सामाजिक गरिमा को ध्यान में रखते हुए युवक-युवतियों को एक-दूसरे को समझने तथा संवाद करने का सुरक्षित एवं व्यवस्थित अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
फ्री स्टाइल गरबा भी आकर्षण होगा ……..
राष्ट्रीय अधिवेशन एवं कायस्थ महाकुंभ में अधिक से अधिक महिलाओं की उपस्थिति के लिए समाज की ओर से फ्री स्टाइल गरबा का आयोजन भी रात्रि में होगा । गरबा समिति की मिनाली श्रीवास्तव ने बताया कि महिलाओं सक्रिय सहभागिता को और अधिक बढ़ाने हेतु फ्री स्टाइल गरबा रखा जा रहा है । इसमें कपल ग्रुप और महिलाएं भी सम्मिलित होकर गरबा खेल शक्ति है।
बैठक में मोतीलाल श्रीवास्तव, अमित श्रीवास्तव, सचिन सक्सेना, श्रीमती उर्मिला श्रीवास्तव, श्रीमती अनुपमा श्रीवास्तव, संजय जौहरी, आशा श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, योगेंद्र माथुर, रूप किशोर कुलश्रेष्ठ, राजभूषण श्रीवास्तव, चेतन श्रीवास्तव, अतुल सक्सेना, आशा श्रीवास्तव, आशीष अष्ठाना, नेहा श्रीवास्तव,शशि श्रीवास्तव, कल्पना श्रीवास्तव, रजनी कुलश्रेष्ठ, ममता श्रीवास्तव, महेंद्र सक्सेना , विजय सक्सेना, भारत सक्सेना ,अनिल श्रीवास्तव , पिंकी निगम सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।