रतलाम जिले में 3 लाख 19 हजार हेक्टेयर में की गई खरीफ फसलों की बोनी

कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने की खरीफ कार्यक्रम की समीक्षा

रतलाम । जिले में इस वर्ष खरीफ मौसम में 3 लाख 19 हजार 950 हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई की गई है। इनमें सर्वाधिक रकबा 2 लाख 53 हजार हेक्टेयर सोयाबीन का है। इसके अलावा 26 हजार 500 हेक्टेयर में मक्का, 7 हजार हेक्टेयर में उड़द, 2100 हेक्टेयर में अरहर, 1800 हेक्टेयर में मूंगफली तथा 1000 हेक्टेयर में तिल की बुवाई भी की गई है। उक्त जानकारी मंगलवार शाम आयोजित बैठक में दी गई। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्री नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा कृषि विभाग के साथ ही उद्यानिकी, मत्स्य, सहकारिता, नागरिक आपूर्ति विभागों की भी समीक्षा की गई। बैठक में सभी विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर ने बैठक में समीक्षा करते हुए उप संचालक कृषि को निर्देश दिए कि खरीफ मौसम में किसानों को उर्वरकों की किसी भी स्तर पर कमी नहीं आने दी जाए। राज्य स्तर से लगातार संपर्क रखें, उर्वरक स्टॉक की जानकारी किसानों को सतत प्रदान की जाए। फसल निरीक्षण के लिए दलों का गठन करें, दलों द्वारा मैदानी क्षेत्र का सतत भ्रमण करते हुए रिपोर्ट प्रेषित की जाए।
कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने कृषि सहित सभी विभागों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा किसान हित में लागू की गई योजनाओं की व्यापक रूप से जानकारी किसानों को दी जाए। साथ ही अधिकाधिक कृषकों को लाभान्वित किया जाए। कृषि विभाग तथा अन्य सभी विभाग अपने कार्यों में पारदर्शिता रखें।
कलेक्टर द्वारा कृषि विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन दलहन योजना अंतर्गत दाल तथा अंतभर्ती फसल के तहत गेहूं के प्रदर्शन रकबे में वृद्धि के प्रस्ताव शासन को भेजे जाए ताकि ज्यादा किसान लाभान्वित हो सके। बताया गया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन दलहन योजना अंतर्गत वर्ष 23-24 में 7564 किसानों को लाभान्वित करने के लक्ष्य के विरुद्ध 1247 किसानों को लाभान्वित किया गया है। उन किसानों पर डेढ़ करोड़ रुपया वहन किया गया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन मोटा अनाज योजना अंतर्गत वर्ष 2320 में कृषि विभाग द्वारा मक्का क्लस्टर प्रदर्शन में 50 सूक्ष्म तत्व में 40 जैव उर्वरक 56 पौध संरक्षण में 100 रसायन तथा खरपतवार नाशी घटक में 72 किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इसके विरुद्ध मक्का क्लस्टर प्रदर्शन सूक्ष्म तत्व तथा जैव उर्वरक में लक्ष्य की पूर्ति की जा चुकी है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन कपास योजना अंतर्गत वर्ष 2023 में कपास क्लस्टर प्रदर्शन के तहत 20 तथा पौध संरक्षण रसायन के तहत 40 का लक्ष्य प्राप्त होकर शत-प्रतिशत पूर्ति की जा चुकी है। इस योजना में किसानों को 8 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान कपास क्लस्टर प्रदर्शन में दिया जाता है एवं 50 प्रतिशत या 500 रुपए प्रति हेक्टेयर राशि पौध संरक्षण रसायन घटक में दी जाती है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन तिलहन योजना की भी जानकारी दी गई। इसका राष्ट्रीय कृषि विकास योजना 2023-24 में 17 हजार 500 स्वाइल हेल्थ कार्ड वितरण के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 12 हजार कार्ड वितरित किए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2023-24 की जानकारी में बताया गया कि 17 जुलाई को पोर्टल किसानों के पंजीयन हेतु खोला गया है। पंजीयन उपरांत लाटरी के माध्यम से किसानों का चयन करके अनुदान भुगतान की कार्रवाई की जाएगी। पीएम कृषि सिंचाई योजना में 277 स्प्रिंकलर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इस योजना में लघु सीमांत हितग्राहियों के लिए कीमत का 55 प्रतिशतएवं बड़े हितग्राहियों को 45 प्रतिशत अनुदान अधिकतम 5 हेक्टेयर के लिए दिया जाता है।

कलेक्टर श्री सूर्यवंशी द्वारा खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि विभाग द्वारा जुलाई माह में 2503 मैट्रिक टन गेहूं, 1753 मेट्रिक टन चावल, 136 मेट्रिक टन नमक, 53 मेट्रिक टन फोर्टीफाइड साल्ट तथा 15 मेट्रिक टन शक्कर का उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरण किया गया है। जिले में 521 उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से 2 लाख 39 हजार 506 पात्र परिवारों के 9 लाख 82 हजार 541 सदस्य लाभान्वित किए जा रहे हैं। जिले में राशन माफिया के विरुद्ध विगत अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक कुल 10 प्रकरण निर्मित किए गए जिनमें से 6 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज करवाई गई। इन प्रकरणों में गेहूं, चावल तथा वाहन जप्त किए गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना अंतर्गत जिले के आदिवासी विकासखंडों सैलाना तथा बाजना के 20 सेक्टर्स में हितग्राहियों को घर बैठे राशन वाहनों के द्वारा पहुंचाया जा रहा है। यहां व्यवस्था उन ग्रामों के लिए की गई है जहां उचित मूल्य की दुकान नहीं है। उद्यानिकी विभाग की समीक्षा में बताया गया कि विभाग द्वारा क्षेत्र विस्तार सब्जी क्षेत्र, विस्तार पुष्पक्षेत्र, विस्तार मसाला क्षेत्र, विस्तार संरक्षित क्षेत्र, उच्च कोटि सब्जी की खेती, गुलाब की खेती, शेड नेट हाउस, प्लास्टिक मल्चिंग, वर्मी कंपोस्ट यूनिट, कृषक प्रशिक्षण, जिला स्तरीय सेमिनार, बेकहाउस, ट्रैक्टर पावर टिलर इत्यादि घटकों में कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर द्वारा बैठक में दुग्ध संयंत्र रतलाम तथा कृषि उपज मंडी की भी समीक्षा की गई।