श्री फुहार का एकल कविता पाठ संपन्न

रतलाम। नगर की साहित्यिक संस्था अनुभूति द्वारा आयोजित एकल पाठ कार्यक्रम के अंतर्गत वरिष्ठ साहित्यकार श्री रामचंद्र फुहार द्वारा 10 कविता का पाठ किया गया।
वरिष्ठ कवि गीतकार श्री हरिशंकर भटनागर की अध्यक्षता में श्री अनंत नारायण मंदिर सभागृह कोठारी वास में आयोजित कार्यक्रम में श्री भटनागर ने कहा कि श्री फुहार की कविता प्रकृति और आमजन से जुड़ी हुई कविताएं है। जो सहज ही प्रभावित करती है ।
संस्था अध्यक्ष डॉ. मोहन परमार ने श्री फुहार की कविताओं पर वक्तव्य व समीक्षा करते हुए कहा कि फुहार की रचनाएँ जीवन के अनुभव को अनूठे अंदाज में काव्य रूप में प्रकट कर सामाजिक विसंगतियों को बखूबी उजागर किया है। डॉ. शोभना तिवारी (निर्देशक डॉ.शिवमंगल सिंह सुमन स्मृति शोध संस्थान रतलाम ) ने समीक्षा करते हुए कहा कि आंचलिक और काव्यात्मक भाषा का अद्भुत समन्वय श्री फुहार की कविताओं में जगह-जगह मिलता है। यह उनकी ही विशेषता है। डॉ. तिवारी ने कविताओं का सटीक विश्लेषण प्रस्तुत किया । समीक्षा चर्चा में भाग लेते हुए श्री प्रणयेश जैन, सिद्दीकी रतलामी, प्रकाश हेमावत ने अपनी बात कहीं।
कवि गोष्ठी में सर्वश्री प्रणयेश जैन, हरिशंकर भटनागर, सिद्दीकी रतलामी , दिलीप कुमार जोशी दीप, सुभाष यादव, सतीश जोशी, कैलाश वशिष्ठ, रामचंद्र गहलोत अंबर, प्रकाश हेमावत, अकरम शैरानी, जवेरीलाल गोयल, शिवराज जोशी, श्याम सुंदर भाटी, मुकेश जोशी आदि ने अपनी श्रेष्ठ कविताएं प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन सचिव मुकेश सोनी साथके ने किया व आभार सतीश जोशी नगरा ने प्रकट किया।