



इंदौर महावीर भवन 30 कई 2023 । धर्म आदान-प्रदान और क्रय विक्रय वस्तु नहीं है दिखावा व आडंबर से कोई संबंध नहीं है उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि महापुरुषों के सिद्धांत को आत्मसात करना ही धार्मिकता है। उन्होंने कहा कि पंथ परिवर्तन करने और करवाने वाले धर्म के मर्म से अनभिज्ञ है अज्ञान का परिचय है धर्म नहीं हृदय परिवर्तन से उत्थान और कल्याण होगा। मुनि कमलेश ने बताया कि स्वार्थ लोग हमें किया गया परिवर्तन टिकाऊ नहीं बिकाऊ होता है स्वार्थ और धार्मिकता में 36 का आंकड़ा है। राष्ट्र संत ने कहा कि विश्व में जितना खून खराबा धर्म को लेकर हुआ है उतना हथियारों से नहीं हुआ है हर मजहब शांति और सद्भाव का पैगाम देता है।
जैन संत ने बताया कि सत्य अहिंसा प्रेम और क्षमा धर्म का प्राण है इनका पालन करने वाला ही सच्चा हिंदू मुस्लिम सिख इसाई जैन और बौद्ध है। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच नई दिल्ली सेवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय डॉक्टर बोरीवाल, नीमच राष्ट्रीय मंत्री नरेंद्र पोखरना चित्तौड़गढ़, मध्य प्रदेश शाखा के शेखर नाहर, जावरा युवा शाखा के नीलम वीरवाल जैन ने विचार व्यक्त किए । दिवाकर मंच के 15 गांव के कार्यकर्ताओं श्री संघ इंदौरकी ओर से सम्मान किया गया।