


इंदौर (महावीर भवन 21 जुलाई 2023) । जन्म लेते समय किस शरीर पर जाति नहीं लिखी होती है शरीर में खून लाल एक समान होता है जाति के आधार पर किसी को ऊंचा अथवा नीचा मानना साक्षात परमात्मा का अपमान करने के समान है। उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने संबोधित करते कहा कि मानव जन्म से नहीं कर्म से महान होता है। ऊंचे कुल में जन्म लेकर नीच काम करें तो अधर्म हैं नीच है, सामान्य कुल में जन्म लेकर महान काम करें पुज्नीय बन सकता है।
उन्होंने कहा कि छुआछूत धर्म पर कलंक और मानवता के अभिशाप है विश्व का कोई भी धर्म जाति के आधार पर भेदभाव करने की इजाजत नहीं देता है। कमलेश ने बताया कि वर्ण व्यवस्था एक अभिशाप के रूप में परिवर्तित हो रही है यह दुर्भाग्य है संपूर्ण मानव समाज का।
राष्ट्र संत ने कहा कि साधना करते हैं तो पंडित रक्षा के लिए आगे आते तो क्षत्रिय अपनी सफाई करते हैं तो शुद्र लेन-देन का काम करते हैं तो वनिक चारों वर्ण व्य हमारे में मौजूद हैं भगवान को भेदभाव मंजूर होता तो चारों वर्णों के लोगों के खून का रंग अलग रख कर देते।
जैन संत ने दुख के साथ कहा कि स्वार्थी तत्व रोटी सेकने के लिए जातिवाद का जहर मानवता में घोलकर धार्मिकता का जनाजा निकाल रहे हैं सभी महापुरुषों की उपासना का संपूर्ण मानव समाज को समान अधिकार है। तपस्विनी सरोज बहन के आज तीस उपवास हे आगे बढ़ने के भाव है।