



इंदौर महावीर भवन 2 अगस्त 2023 । आराधना उपासना किसी को हीन अथवा नीचा दिखाने की भावना से किया गया इससे बढ़कर और कोई पाप नहीं हो । उक्त विचार राष्ट्र संत कमलमुनि कमलेश ने सरोज बहन भटेवरा के 31 उपवास पावन प्रसंग को संबोधित करते कहा कि छोटा, बड़ा, अपना, पराया, मानकर किया गया अमृत जैसा धर्म भी जहर के रूप में परिवर्तित हो जाता है । उन्होंने कहा कि अपने व्यवहार से किसी की भावना आहत होती है उसकी उपेक्षा साक्षात तीर्थंकर का अपमान करने के समान है।
मुनि कमलेश ने बताया कि भेद भाव से उठने वाली राग द्वेष की ज्वाला सद्गुणों को जलाकर खाक कर देती है इंसान को हैवान बना देती। राष्ट्रसंत ने कहा कि प्राणी मात्र के प्रति निस्वार्थ भाव से समान व्यवहार करने के बाद धर्म में प्रवेश संभव है। जैन संत ने बताया कि किसी को अपने से कम मानना अहंकार का पोषण करना है सभी में परमात्मा है परमात्मा की भांति उनके साथ व्यवहार करने वाला परमात्मा के नजदीक होता घनश्याम मुनि कौशल मुनि महासतीरश्मि जी ने सभा को संबोधित किया। अखिल भारतीय जैन दिवाकर विचार मंच महिला शाखा राष्ट्रीय महामंत्री शशि मारू मंदसौर मंच के वरिष्ठ कार्यकर्ता जवाहर डोशी महिदपुर का अभिनंदन किया। दोनों ने सभा को संबोधित किया सरोज बहन भटेवरा के आज के 31 उपवास है आगे के भाव है।