- सब कुछ फ्री में मिलेगा तो फिर आदमी काम क्यों करेंगा
- आदिनाथ सोसायटी के पारख धर्मसभा मण्डप में नियमित चातुर्मासिक प्रवचन

पूना, 1 अगस्त। राजा मौत समान है जो कभी भी प्रकट हो सकता ओर दीया धर्म है जो हमेशा जगमगाते रहना चाहिए। धर्म का दीया जलता रहे तो मौत कभी भी आ जाए फायदा का सौदा होगा अन्यथा परेशानी होगी। जिसको अपच, अजीर्ण नहीं होता वह स्थिवर होता है। मन, वचन व दिमाग तीनों खराब नहीं होने पर ही स्थिवर बनते है। ज्ञान का अपच होकर अहम भाव आ जाए वह स्थिवर नहीं हो सकता। ये विचार पुण्यनगरी पूना के आदिनाथ सोसायटी जैन स्थानक भवन ट्रस्ट के तत्वावधान में पारख धर्मसभा मण्डप में मंगलवार को श्रमणसंघीय सलाहकार सुमतिप्रकाश महारासा के सुशिष्य आगमज्ञाता प्रज्ञामहर्षि श्री डॉ. समकितमुनिजी म.सा. ने प्रवचनमाला ‘‘कहानी द्रोपदी की-कहानी कर्म की’’ के तहत व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जो ज्ञान,चरित्र व गुण अपने में विकसित है वह दूसरों में भी कर सकने वाला स्थिवर होता है। जो दूसरों को संभाल सके वह स्थिवर होता है। खुद संभला होने वाला ही दूसरों को संभाल सकता है। जो खुद लडखड़ा रहा होता है वह दूसरों को कैसे संभालेगा। ज्ञान, अनुभव व संयम में जिसके कदम जमे हो वह खुद भी संभलता है ओर दूसरों को भी सहारा देता है। मुनिश्री ने कहा कि जो बिना इशारे दिल के भावों को समझ जाए वही अर्न्तवासी होता है। धर्म का दीपक जिंदगी में हर समय जलते रहना चाहिए। ऐसा करने वाला धर्मरूचि अनगार बनता है। उन्होंने फ्री के बढ़ते चलने पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राजनीति ही नहीं अब धर्मनीति में भी फ्री हावी होने लगा है। हर तरफ फ्री की स्कीमे छाई हुई है। खाना, पढ़ना, मकान, पानी, बिजली सब फ्री होगा तो बताओ आदमी काम क्यों करेंगा। रही सही कसर फ्री के नाम पर सामाजिक संस्थाएं पूरी कर देती है। उन्होंने कहा कि फ्री आदमी को लुभाता है जरूरत नहीं होने पर भी वह फ्री के नाम पर खरीद कर लेता है। धर्मसभा के शुरू में गायनकुशल जयवंतमुनिजी म.सा. ने भजन ‘ऐसा अपना घर हो’ की प्रस्तुति दी। धर्मसभा में पूज्य प्रेरणाकुशल भवान्तमुनिजी म.सा.,सरलमना श्री विजयमुनिजी म.सा., सेवाभावी श्री भूषणमुनिजी म.सा. का भी सानिध्य प्राप्त हुआ। धर्मसभा में 9 उपवास की तपस्या का प्रत्याख्यान लेने वाली सुश्राविका करिश्मा दर्शन कटारिया का स्वागत-सम्मान आदिनाथ श्रीसंघ द्वारा किया गया। धर्मसभा में दुर्ग, सिकन्दराबाद, चैन्नई, भीलवाड़ा सहित विभिन्न स्थानों से पधारे श्रावकों के साथ पूना महानगर के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रावक-श्राविकाएं उमड़े तो विशाल धर्मसभा मण्डप भी छोटा प्रतीत हुआ। धर्मसभा का संचालन एवं अतिथियों का स्वागत आदिनाथ स्थानकवासी जैन भवन ट्रस्ट पूना के अध्यक्ष सचिन रमेशचन्द्र टाटीया किया। चातुर्मासिक प्रवचन प्रतिदिन सुबह 8.45 से 9.45 बजे तक हो रहे है। चातुर्मास के तहत आत्मकल्याण के लक्ष्य से सर्वोतभद्र चौमुखी जाप आयोजन भी प्रतिदिन रात 8.30 से 9.30 बजे तक हो रहा है।
चाहे कितने भी बिजी हो माता-पिता से करें बात
समकितमुनिजी म.सा. ने माता-पिता की सेवा की प्रेरणा देते हुए कहा कि आप नियम बना ले चाहे कितने भी बिजी हो घर के अंदर मा-बाप मौजूद है तो घर में प्रवेश करते ही कुछ पल उनके पास बैठेंगे। इसी तरह बाहर रहते है तो मा-बाप से कुछ देर बात अवश्य कर उनकी खैरखबर लेनी चाहिए। उन्हें तुम्हारी दौलत नहीं चाहिए दो मिनट बात कर लो तो उन्हें लगता है सब कुछ मिल गया है। आपके दो मिनट उनके लिए बहुत कीमती होते है।
सुश्राविका मोनाली ने लिया अठाई तप का पचक्खान
धर्मसभा में सुश्राविका मोनाली आनंद जैन ने अठाई तप का पचक्खान लिया तो पूरा पांडाल हर्ष-हर्ष के उद्घोष से गूंज उठा। पूज्य समकितमुनिजी म.सा. ने आशीर्वाद प्रदान करने के साथ उनके प्रति मंगलभावनाएं व्यक्त की। गौरतलब है कि पूज्य समकितमुनिजी म.सा. आदि ठाणा के इस चातुर्मास में अब तक तीन मास खमण, 1100 से अधिक तेले, 170 से अधिक पुण्य कलश आराधना सहित दर्जनों अठाई तप अब तक हो चुके है।
दुर्ग एवं सिकन्दराबाद संघ ने की आगामी चातुर्मास की विनती
धर्मसभा में छतीसगढ़ के दुर्ग एवं तेलंगाना के सिकन्दराबाद से श्रीसंघ के प्रतिनिधि पूज्य समकितमुनिजी के समक्ष वर्ष 2024 के चातुर्मास की विनती को लेकर पधारे। दुर्ग संघ की तरफ से सुश्रावक राकेश संचेती एवं सिकन्दराबाद संघ की तरफ से महामंत्री शांतिलाल बोहरा ने आगामी चातुर्मास की विनती मुनिश्री की झोली में डालते हुए एक-दूसरे संघ से सहयोग की अपील की। दुर्ग की श्राविका संघ ने भी गीत के माध्यम से विनती रखी। पूज्य समकितमुनिजी ने विनती करने वाले श्रीसंघों के प्रति मंगलभावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक उदयपुर, नासिक, हैदराबाद, आकुर्ड़ी, मालेगांव सहित विभिन्न स्थानों से प्राप्त आगामी चातुर्मास की विनती मेरठ में बिराजित गुरूदेव के चरणों में पहुंचा दी है। वहां से जैसा आदेश होगा उसी अनुरूप भविष्य का निर्णय होगा।
पैसठिया छंद का दो दिवसीय जाप कल से
चातुर्मास के तहत अधिक मास में वदि पक्ष शुरू होने के उपलक्ष्य में 2 व 3 अगस्त को प्रवचन के दौरान तीर्थंकर की स्तुति के रूप सर्वसुखकारी पैसठिया छंद का जाप होगा। इसके तहत दो दिन में 65 छंद का जाप होगा। इनमें 2 अगस्त को 32 एवं 3 अगस्त को 33 छंद का जाप होगा। चातुर्मास में ढाई वर्ष से 13 वर्ष तक के बच्चों के लिए 15 दिवसीय द्रव्य मर्यादा तप (चन्द्रकला तप) तीसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। पूज्य समकितमुनिजी ने द्रव्य मर्यादा तप करने वाले बच्चों की क्लास रविवार दोपहर 3 से 4 बजे तक रहेगी जिसमें उन्हें तप विधि के बारे में समझाया जाएगा। निरन्तर घटते क्रम में तप साधना के अंतिम दिन 13 अगस्त को एक द्रव्य का ही उपयोग कर सकेंगे। चातुर्मास में 6 अगस्त को दादा-दादी दिवस मनाते हुए विशेष प्रवचनमाला ‘दादी की दादागिरी’ होगी। इसमें दादा-दादी पोते-पोतियों के साथ प्रवचन में आएंगे। इसी क्रम में 6 अगस्त को ही साताकारी दया दिवस मनाया जाएगा। इस दिन दोपहर एक से तीन बजे तक प्रश्नमंच का आयोजन भी होगा। पूज्य समकित मुनिजी ने बताया कि 11 अगस्त से श्रमण संघीय आचार्य सम्राट आनंदऋषिजजी म.सा. की जयंति के उपलक्ष्य में आनंद सप्ताह के आयोजन शुरू होंगे। इसमें एकासन, उपवास, आयम्बिल आदि तप साधना के साथ कक्षा 9 से लेकर स्नातक तक अध्ययनरत बेटियों के लिए विशेष प्रवचनमाला ‘‘पिंकी का क्या होगा’’ का आयोजन 12,13 एवं 15 अगस्त को नियमित चातुर्मासिक प्रवचन के तहत होगा।