
रतलाम। रत्न पुरी की धन्य धरा पर चातुर्मास के दौरान साधु साध्वी भगवंत की निश्रा मैं सभी जगह तप साधना का दौर निरंतर चालू है। जैन युवा वर्ग़ पुरे जोर शोर से इस चातुर्मास अपनी कर्म निर्झरा करते हुए तप साधना की और अग्रसर है। इसी कढ़ी मैं जैन सोशल ग्रुप मैत्री परिवार भी तप साधना मैं अग्रसर है।
जैन सोशल ग्रुप मैत्री के संस्थापक एवं समाजसेवी अमित कोठरी ने जानकारी देते हुए बताया की गणिवर्य आचार्य श्री विजयरत्न विजय जी म सा की प्रेरणा एवं प्रभाव से जैन सोशल ग्रुप मैत्री के सदस्य शीतल सकलेचा और जयेश राजेश लुक्खड़ द्वारा केश लोच करवाया गया। ज्ञात हो की केशलोच परंपरा जैन दर्शन के अंतर्गत दीक्षार्थी जीवन की बहुत ही कठिन विधि रही है जो की केश त्याग करने की विधि है। केशलोच मैं हाथो से ही केश को निकला जाता है जिसमे लगभग ३ घंटे तक समय लगता है। इस विधि का जैन समाज मैं बहुत ही महत्व है।
इस कार्य के लिए जैन सोशल ग्रुप मैत्री के अध्यक्ष वैभव मेहता, सचिव तरुण डाँगी तथा सभी पदाधिकारियो द्वारा शीतल सकलेचा और जयेश राजेश लुक्कड़ की बहुत बहुत अनुमोदना की गयी।