श्री पार्श्वनाथ वंदनावली एवं मंत्राधिराज महाभिषेक सम्पन्न

गुरुभगवंत की निश्रा में सुमतीकाका को जीवदया प्रेमी अंलकरण से तलेगांव श्रीसंघ ट्रस्ट मंडल ने सम्मानित किया

तलेगांव दाभाडे नगर। परोपकार सम्राट मोहनखेड़ा तीर्थ विकास प्रेरक जैनाचार्य श्रीमद्विजय ऋषभचंद्र सूरीश्वरजी म.सा.के आज्ञानुवर्ती सुशिष्य वरिष्ठ मुनिप्रवर श्री पीयूषचंद्र विजयजी म.सा.मुनिप्रवर श्री रजतचंद्र विजयजी म.सा.मुनिश्री प्रीतियश विजयजी म.सा.का परमपथ चातुर्मास पर्व-23 तलेगांव दाभाडे नगर में धुमधाम से चल रहा है। सर्वप्रथम स्फटिक रत्न की दुर्लभ एवं बहुमूल्य प्रतिमा वाजते गाजते संगीत भक्ति के साथ फुलों से सुसज्जित सिंहासन पर विराजित की गई। सभा ने संगीतमय गुरु वंदना की। पश्चात पंचम वर्षितप तपस्वी मुनिराजश्री पीयूषचंद्र विजयजी म.सा.ने मंगलाचरण किया। मुनित्रय ने चमत्कारी पार्श्वनाथ इक्कीसा का सामूहिक मंगल पाठ कराया। मुनिश्री रजतचंद्र विजयजी म.सा. द्वारा रचित पार्श्वनाथ प्रभु की भक्तिभाव से ओतप्रोत स्तुतियों पर विवेचन करते हुए वंदनावली का प्रारंभ किया गया। 108 पार्श्वनाथ दादा के नाम पर मुनिश्री ने बताया किसी तीर्थंकर के इतने नाम नहीं है सिवाय पार्श्वनाथ दादा के। नव स्मरण में भी 3 स्मरण पार्श्वदादा के है । 108 नाम 3 तरह से गुण गांव एवं मूर्ति की दृष्टि से जग विख्यात बने। मुनिश्री ने अंतरिक्ष शेरिसा गांभु आदि पार्श्वदादा की विशेष महिमा बताई । लाभार्थी सुमतिलालजी संघवी काका ने यह आयोजन स्व.धर्मपत्नी श्री जयाबेन की स्मृति में कराया। सिद्धितप के 45 तपस्वीयो की तपस्या सातापूर्वक हो इस हेतु सुमतीकाका ने जीवदया की विशेष घोषणा की जिसके तहत प्रतिदिन एक बड़ी ट्रक गाड़ी चारा तलेगांव से पावल 70 किलोमीटर तक भेजने का कार्य प्रारंभ किया गया। इस उपलक्ष में तीनों गुरुभगवंत की निश्रा में सुमतीकाका को जीवदया प्रेमी अंलकरण से तलेगांव श्रीसंघ ट्रस्ट मंडल ने खचाखच भरे प्रवचन हाल में सम्मानित किया। दिव्य भव्य अनुष्ठान में महाराष्ट्र शासन के मंत्री मा.श्री.संजय ( बाळा ) भेगडे अमाजी गुरु भगवंत से विशेष आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में संगीत प्रस्तुति महेंद्र जैन भिवंडी ने दी। तपस्वी श्री पीयूषचंद्र विजयजी ने मंत्राधिराज स्त्रोत से धाराप्रवाह विशेष सर्व औषधि द्वारा महाअभिषेक कराया। कार्यक्रम पश्चात स्वामी भक्ति लाभार्थी की ओर से आयोजित कि गई। संघ ने लाभार्थी परिवार एवं मंत्रीजी का बहुमान किया। रत्न प्रतिमा के समक्ष परिवार की बहनें देवानंदा व मोनल बेन ने आकर्षक कार्यक्रम की थीम अनुरूप रांगोली बनाई वामा महिला मंडल ने विशेष सेवा दी। इस मौके पर लाभार्थी परिवार द्वारा केसर की प्रभावना की। अंत में लाभार्थी परिवार ने आरती उतारी।