
रतलाम 17 अगस्त । श्रमण संघ के द्वितीय पट्टधर आचार्य सम्राट परम पूज्य श्री आनन्दऋषि जी म.सा. की आज 123वीं जन्म जयन्ती पूरे देश में तप त्याग एंव तपस्या के साथ मनाई गई। इसी अवसर पर नीमचौक स्थानक पर सहजोडे उवासग्गहरम के जाप बहुत अच्छे से संपन्न हुए। जिसमें 250 जोड़ो सहित 550 आराधकों ने भाग लिया। जिसमें पुरुषों ने सामायिक के श्वेत वस्त्र एंव महिलाओं ने लाल चुनरी की साड़ी में सहभागिता की । संघरत्न श्री जैन साहब ने जाप की प्रभावना का लाभ लिया। पूज्य गुरुदेव श्री अरुणमुनि जी म.सा. ने बहुत ही सुंदर वातावरण में जाप सम्पन्न करवाया। एंव इस विध्ननिवाकर महान चमत्कारी जाप का अर्थ समझाया। साथ ही आपने आचार्य सम्राट के विराट व्यक्तित्व के बारे में प्रवचन प्रदान करते हुए फरमाया की आप सर्वाधिक 30 वर्षों तक आचार्य पद पर रहे। आपको 9 भाषाओं का ज्ञान था। मात्र 13 वर्ष की उम्र में आपने संयम धारण किया। महाराष्ट्र में आपको आनंद बाबा के नाम से भगवान का दर्जा भक्तों द्वारा दिया जाता है । संघ के वरिष्ठ श्रावक महेंद्र बोथरा ने भी अपनी भावांजली अर्पण की। श्री अखिल भारतीय जैन श्वेतांबर स्थानकवासी जैन कांफ्रेंस ने पूज्य आचार्य सम्राट आनन्दऋषि जी म.सा. की जन्म जयन्तजी पर पूरे देश में 108000/- आयम्बिल का लक्ष्य दिया था। इसी प्रेरणा को ध्यान में रखते हुए संघ रत्न शांताकुमारी इंदरमल जैन (वकील साहब) परिवार ने रतलाम में 400 से अधिक आयम्बिल करवाने का महती लाभ प्राप्त किया। संघ अध्यक्ष ललित पटवा एंव महामन्त्री विनोद बाफना ने बताया की। नीमचौक स्थानक पर भी 200 आराधकों ने आयम्बिल किया। आयम्बिल आराधकों की प्रभावना का लाभ कमलादेवी बसन्तीलालजी पटवा परिवार ने लिया। रतलाम नगर में लगभग 700 आयम्बिल आज दिनाँक 17 अगस्त को हुए ।