वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन ने डॉ. ज्योत्सना चोपड़ा को सौंपा 11 सूत्रीय मेमोरेंडम, रेफरल व्यवस्था सरल करने से लेकर उज्जैन में अस्पताल की मांग तक उठे मुद्दे

जावरा (निप्र)। रेलवे कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारजनों की चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन रतलाम मंडल ने 11 सूत्रीय मांगों का मेमोरेंडम सौंपा। मंडल मंत्री मनोहर सिंह बारठ के नेतृत्व में यूनियन पदाधिकारियों ने रतलाम मंडल मुख्यालय पहुंचीं प्रिंसिपल चीफ मेडिकल डायरेक्टर डॉ. ज्योत्सना चोपड़ा के समक्ष चिकित्सा व्यवस्था में सुधार से जुड़े विभिन्न मुद्दे रखे।
यूनियन ने मंडल चिकित्सालय में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। पदाधिकारियों ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण मरीजों को उपचार के लिए बाहर रेफर करना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है। यूनियन ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने तथा रेफरल प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग की।
31 हजार से अधिक कर्मचारी और परिजन चिकित्सा व्यवस्था पर निर्भर
मेमोरेंडम में बताया गया कि रतलाम मंडल रेल चिकित्सालय की चिकित्सा सुविधाओं पर वर्तमान में करीब 14 हजार रेल कर्मचारी एवं अधिकारी तथा लगभग 17 हजार उनके परिवारजन निर्भर हैं। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों को देखते हुए अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा ढांचा, विशेषज्ञ चिकित्सक और पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
उज्जैन में सब डिविजनल अस्पताल की मांग
यूनियन ने उज्जैन में सब डिविजनल चिकित्सालय की स्थापना करने की मांग भी रखी। इसके अलावा रेलवे अस्पताल की डिस्पेंसरी में आवश्यक सुधार, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने तथा रेफर की जटिल प्रक्रिया को तत्काल सरल बनाने की मांग की गई। चिकित्सा प्रशिक्षण से जुड़ी समस्याओं के निराकरण की ओर भी अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया।
सीहोर स्टेशन पर नई हेल्थ यूनिट बनाने की मांग
मेमोरेंडम में सीहोर रेलवे स्टेशन पर नई हेल्थ यूनिट स्थापित करने की मांग की गई। यूनियन का कहना है कि रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों को समय पर प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हेल्थ यूनिट की आवश्यकता है।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था नियमित करने पर जोर
मंडल चिकित्सालय में सुरक्षा सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया गया। यूनियन ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को नियमित एवं पर्याप्त करने की मांग की। साथ ही जनरल सहायक मेडिकल अस्पताल एवं हेल्थ यूनिट में कार्यरत कर्मचारियों को हॉस्पिटल सहायक के रूप में कार्यरत करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई।
कैंसर व गंभीर बीमारी के मरीजों को मुंबई में प्राथमिकता की मांग
रतलाम मंडल से कैंसर एवं अन्य गंभीर बीमारियों के कारण मुंबई रेफर किए जाने वाले रेल कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, पेंशनर्स एवं उनके आश्रितों को उपचार के लिए प्राथमिकता के आधार पर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। यूनियन ने गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी से बचाने की मांग की।
जगजीवन राम अस्पताल में इमरजेंसी में तत्काल भर्ती की व्यवस्था हो
यूनियन ने जगजीवन राम अस्पताल में बाहर से आने वाले रेल कर्मचारी मरीजों को प्रातः इमरजेंसी में चिकित्सकीय परीक्षण के बाद आवश्यकता के अनुसार तत्काल भर्ती करने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया।
मंडल मंत्री मनोहर सिंह बारठ ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों की चिकित्सा जरूरतों को देखते हुए अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने रेफरल व्यवस्था को सरल बनाने तथा गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। मेमोरेंडम पर डॉ. ज्योत्सना चोपड़ा ने यूनियन पदाधिकारियों को मांगों के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर यूनियन के मंडल कार्यालय शाखा सचिव अशोक तिवारी, यात्रा शाखा सचिव हेमंत मिश्रा, यांत्रिक शाखा अध्यक्ष महेंद्र राठौर, पूर्व जेसी बैंक डायरेक्टर वाजिद खान, मेडिकल शाखा उपाध्यक्ष राहुल गुर्जर, मनोज चावरे, अमित घोसर, विजय तरवाड़ी एवं सामान्य शाखा सचिव संजय शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।