

इंदौर (राजेश जैन दद्दू) । विद्या सुधा देशना मंडप, दालाल बाग में विराजमान तीर्थ चक्रवर्ती मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज के दर्शन करने पधारे लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि संतों की वाणी केवल आत्मचिंतन का अवसर नहीं देती, बल्कि जीवन जीने की सही राह दिखाती है। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि विद्या सुधा देशना मंडप में ओम बिरला ने कहा कि गुरुदेव के चरणों में कुछ क्षण बैठने से ही जीवन को ठहरकर देखने और आत्मचिंतन की नई ऊर्जा मिलती है। जब भीतर से लगता है कि गुरुदेव बुला रहे हैं, तो मैं दर्शन को चला आता हूँ।
श्री बिरला ने कहा कि मालवा आध्यात्मिकता और संस्कृति की भूमि है। आज यहाँ हजारों श्रावक संस्कार प्राप्त कर रहे हैं और देश-दुनिया में घर बैठे लोग भी गुरुदेव की देशना से लाभ ले रहे हैं। दशलक्षण पर्व तप, संयम और आत्मशुद्धि का पर्व है।
जैन धर्म का संदेश आज विश्व के लिए आवश्यक
उन्होंने कहा कि जब समाज में कटुता बढ़ रही है, तब जैन धर्म के अहिंसा, करुणा, संयम और शांति के विचार पूरी मानवता के लिए आवश्यक हैं। आचार्य शांतिसागर जी की प्रेरणा है कि संत के कदमों की आवाज से भी किसी को कष्ट न पहुँचे। वाणी में कटुता न हो, आचरण में कठोरता न हो, जीवन में करुणा और शिष्टता हो – यही जैन धर्म है।
इस अवसर पर चक्रवर्ती अध्यक्ष मनीष सपना गोधा नवीन आनंद गोधा, आलोक आकाश कोल अशोक डोशी, हर्ष जैन हुकमकाका डॉ जैनेन्द्र जैन अक्षय कासलीवाल ब्रह्मचारी प्रदीप भैया पारस भैया सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।