
जावरा (अभय सुराणा)। नगर में धार्मिक और सामाजिक सौहार्द के प्रतीक पर्वों की कड़ी में श्री दामोदर वंशीय जूना गुजराती दर्जी समाज सकल पंच श्री नवयुवक मंडल द्वारा ढोल ग्यारस के पावन पर्व पर भव्य झांकी और भगवान के झूले का आयोजन किया गया। इस भव्य धार्मिक आयोजन में समाज जनों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।
भक्तिमय माहौल में निकली यात्रा
श्री नवयुवक मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा की शुरुआत समाज के तय रूट से हुई। यात्रा में सबसे आगे सुसज्जित दिव्य झांकी चल रही थी, जो सभी के आकर्षण का केंद्र रही। जिसमें विराजमान ठाकुर जी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। यात्रा के दौरान भजनों की धुनों ढोलक पर युवा और महिलाएँ थिरकते नजर आए, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
नवयुवक मंडल द्वारा इस वर्ष निकाली गई भव्य झांकी आकर्षण का मुख्य केंद्र रही
इस बार मंडल ने सनातन संस्कृति के सबसे सुंदर और आध्यात्मिक प्रसंग ‘राधा-कृष्ण रासलीला’ को अपनी झांकी का मुख्य आधार बनाया, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। झांकी में भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराधा जी के दिव्य प्रेम और गोपियों संग रासलीला के मनमोहक दृश्य को बेहद जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। आकर्षक विद्युत सज्जा, रंग-बिरंगे फूलों से सजी झाकी निकाली
प्रमुख मार्गों पर हुआ स्वागत
यह भव्य झूले की यात्रा जैसे ही जावरा के प्रमुख मार्गों से गुजरी, नगरवासियों ने इसका दिल खोलकर स्वागत किया। शहर के मुख्य चौराहों और बाजारों में जगह-जगह मंच बनाकर: श्री नवयुवक मंडल अध्यक्ष महेंद्र मकवाना (नाना)को साफा,श्रीफल और शील्ड देकर स्वागत किया गयायात्रियों और समाजजनों पर पुष्प वर्षा की गई। भगवान की पालकी की महाआरती उतारी गई। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए स्वल्पाहार और ठंडे जल की व्यवस्था की गई।
समाज की एकता और संस्कृति का दर्शन
श्री दामोदर वंशीय जूना गुजराती दर्जी समाज नवयुवक मंडल जावरा के पदाधिकारियों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता, नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना और नगर में सुख-समृद्धि की कामना करना है। यात्रा के समापन पर भगवान की सामूहिक आरती की गई और महाप्रसाद का वितरण हुआ। आयोजन को सफल बनाने के लिए श्रीनवयुवक मंडल और समाज के वरिष्ठ जनों का सराहनीय सहयोग रहा।
जैसे ही यह झांकी मुख्य मार्गों से गुजरी, भक्तों ने पुष्प वर्षा और ‘राधे-राधे’ के जयकारों के साथ इसका स्वागत किया। झांकी के दर्शन के लिए सड़कों के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जो इस अलौकिक दृश्य को अपने कैमरों और यादों में कैद करने के लिए आतुर दिखी। देर रात तक चले इस चल समारोह में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और मंडल के स्वयंसेवक पूरी तरह मुस्तैद रहे।
श्री नवयुवक मंडल के मीडिया प्रभारी पवन मकवाना ने बताया कि इस झांकी को तैयार करने में कई दिनों की कड़ी मेहनत लगी है। झांकी का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना है।
श्री नवयुवक मण्डल जुना गुजराती दजी समाज एवं सकल पंच सत्यनारायण मंदिर, लालागली, जावरा के पदाधिकारीयों एवं सदस्यों की भूमिका सराहनीय रही।