धार्मिक परम्परा अनुसार भव्य और विराट स्वरूप में आयोजन किया जाएगा

रतलाम। 19 सितम्बर 2023 से प्रारंभ हो रहे दस दिवसीय श्री गणेश उत्सव आयोजन की रुपरेखा तय करने हेतु श्री नित्य चिंताहरण गणपति जी मंदिर पैलेस रोड रतलाम पर मंदिर ट्रस्ट श्री गणेश सत्संग मंडल के द्वारा बैठक का आयोजन किया गया। उक्त जानकारी मंदिर ट्रस्ट समिति अध्यक्ष जनक नागल ने देते हुए बताया कि बैठक में दस दिवसीय श्री गणेश चतुर्थी उत्सव को सुचारू , भव्य और विराट आयोजन को लेकर चार समितियां बनाई गई सभी समितियों के प्रमुख मार्गदर्शक एवं सलाहकार नरेंद्र जी व्यास नरेंद्र जी कंगारोत, क्षेत्रीय पार्षद एवं एमआईसी सदस्य धर्मेंद्र व्यास, प्रदीप जी उपाध्याय एवं श्री प्रवीण पिरोदिया रहेंगे। (1) गणेश उत्सव आयोजन समिति अध्यक्ष श्री सचिन सिंह देवड़ा, उपाध्यक्ष मुकेश त्रिवेदी सचिव श्री मुकेश व्यास सचिव श्री अशोक मेहता कोषाध्यक्ष श्री राहुल शर्मा एडवोकेट जहां कोषाध्यक्ष श्री गणेश सिंह राठौड़ सोशल मीडिया प्रभारी प्रथम बैरागी प्रिंट मीडिया प्रभारी कार्यकारिणी सदस्य श्री रूपल जैन मंगल सुराणा ऋषभ जैन निरुपमा रमेश ठाकुर गोविंद सिंह चौहान विशाल श्रेणिक जैन सोनू परमार एडवोकेट दीपक शर्मा टिल्लू राहुल पीपाड़ा विशाल चोपड़ा नितिन दैय्या (2) महिला मंडल समिति अध्यक्ष हेतु श्रीमती सारिका दवे, (3) नवयुवक मंडल समिति अध्यक्ष श्री अमित देवड़ा उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार, सचिव श्रेयांश मोदी एवं कार्यकारिणी का गठन किया गया (4) अतिथि आमंत्रण, स्वागत संचालन समिति अध्यक्ष हेतु श्रीमती रत्ना पाल को जिम्मेदारी दी गई। बैठक में तय किया गया की आगामी रविवार को मंदिर के अंदर बाहर की धुलाई करवा कर भगवान श्री की मूर्तियों का रंग रोगन, चांदी के मुकुट एवं छत्रों को पालिस सहित मंदिर की घंटियां आदि की बफ पालिस करवाई जाएगी, मंदिर पर लाईट डेकोरेशन, फ्लावर डेकोरेशन, साज- सज्जा, टेंट, साऊंड की ज़िम्मेदारी श्री सचिन सिंह देवड़ा को, मंदिर पर आरती एवं प्रसादी के समय भक्तों की भीड़ का संचालन, व्यवस्था आदि महिला मंडल द्वारा, मंदिर पर आरती में आमंत्रण, माइक संचालन आदि की जिम्मेदारी श्रीमती रत्ना पाल को, एवं भगवान श्री गणेश जी की मूर्ति का चल समारोह, बेंड, ढोल, गाड़ा आदि की व्यवस्था, स्थापना आदि की जिम्मेदारी नवयुवक मंडल अध्यक्ष श्री अमित देवड़ा को दी गई। गणेश चतुर्थी पर मंदिर ट्रस्ट द्वारा भगवान श्री को इक्कीस हजार लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा, तथा प्रतिदिन मंदिर पर आरती के पश्चात दो प्रकार की प्रसादी पांच हजार भक्तो के आगमन के मान से बनवाई एवं वितरण कि जाएगी। इस अवसर पर मंदिर का दानपात्र भी खोला गया जिससे 2.98.140/ दो लाख इठयानवे हजार एक सौ चालीस रुपए प्राप्त हुए। गणेश स्थापना के बाद आय – व्यय और परिस्थितियों को देखते हुए भव्य और ऐतिहासिक झांकी भी निकाली जा सकती है।