


रतलाम, 27 अगस्त। आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा की निश्रा में 16 से 30 साल तक के युवक युवतियों के लिए दो रविवारीय विशेष शिविर का शुभारंभ हुआ। सैलाना वालों की हवेली मोहन टॉकीज में आयोजित शिविर का विषय चैलेंज यूथ शिविर है। इसमें आचार्य श्री ने जीवन में सफलता पाने का मंत्र युवाओं को बताया।
आचार्य श्री ने कहा कि यदि जीवन में सफल होना है तो मुझसे नहीं होगा, मेरी किस्मत खराब है, मेरा मुड़ नहीं है, मेरे पास टाइम नहीं है, मुझे लोग क्या कहेंगे, इन पांच बातों को कचरे के डिब्बे में डाल दो। चींटी भी अपने से कहीं गुना अधिक वजन लेकर चढ़ती है, वह हार नहीं मानती। वह दाना उठाती है, चलती है, ऊपर चढ़ती है और फिर गिरती लेकिन हार नहीं मानती है, तो हम क्यो थोडे़ से में हार मान जाते है।
आचार्य श्री ने कहा कि जीवन में आत्म विश्वास बहुत जरूरी है। यदि वह नहीं तो कुछ भी नहीं कर पाओगे। आत्म विश्वास से आत्म सम्मान मिलता है, जो बहुत जरूरी है। हमारे पास संस्कार, शिक्षा, संपत्ति सब कुछ है लेकिन वर्तमान जीवन की लाइफ स्टाइल बदल गई है। हमारे पास पावर तो है लेकिन पंख पावर नहीं है। चैलेंज के हर अक्षर में कोई न कोई संदेश है, जिसे यदि हमने आत्मसात कर लिया तो जीवन धन्य हो जाएगा।
आचार्य श्री ने कहा कि जीवन में दो चीज बहुत महत्वपूर्ण है- कंस्ट्रक्शन और क्रिएशन। किसी चीज का निर्माण होना कंस्ट्रक्शन है और सृजन होना क्रिएशन कहलाता है। सारी दुनिया में जहां भी जाओं वहां कंस्ट्रक्शन हो रहा है लेकिन गुरू के पास जाने से क्रिएशन होता है। इसरो ने चंद्रयान-3 को चांद पर पहुंचा दिया यह क्रिएशन है। हमें भी अपने जीवन में क्रिएशन करना है, कंस्ट्रक्शन नहीं। आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा की निश्रा में दो रविवारीय चैलेंज यूथ शिविर में प्रथम शिविर का लाभार्थी जैन श्वेताम्बर सोश्यल ग्रुप रॉयल परिवार रहा। जबकि द्वितीय शिविर का लाभार्थी जैन सोश्यल ग्रुप मैत्री परिवार रहेगा। श्री देवसूर तपागच्छ चारथुई जैन श्रीसंघ गुजराती उपाश्रय, श्री ऋषभदेवजी केशरीमलजी जैन श्वेताम्बर तीर्थ पेढ़ी रतलाम के तत्वावधान में आयोजित विशेष शिविर में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां उपस्थित रहे।