होली इज कलर फूल, दीपावली इज लाइट एंड ब्राइट फूल, बट राखी इज पावरफूल- आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा

रक्षाबंधन पर्व पर विशेष प्रवचन

रतलाम,30 अगस्त । सारे संबंध रिलेशन, कंडीशन या कनेक्शन के होते है। जीवन में उतार-चढाव होता रहता है, लेकिन रक्षाबंधन का त्योहार जब भी आता है तब हमारे संबंधों को मजबूत करता है। इसे औपचारिकता से मुक्त कर व्यापक रूप से मनाए। क्योंकि होली इज कलर फूल, दीपावली इज लाइट एंड ब्राइट फूल, बट राखी इज पावरफूल है |
यह बात आचार्य श्री विजय कुलबोधि सूरीश्वरजी म.सा ने बुधवार को रक्षाबंधन पर्व पर सैलाना वालों की हवेली मोहन टाकीज में कही | आचार्य श्री ने ” सबसे ऊंची प्रेम सगाई ” विषय पर विशेष प्रवचन देते हुए भाई-बहन के संबंध को विस्तार से परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन पर्व सिर्फ निष्ठा का होता है। इसे किसी वस्तु से नहीं तोलना चाहिए।
आचार्य श्री ने कहा कि संबंध दो तरह के होते है। एक बिना संबंध का प्रेम और दूसरा बिना प्रेम का संबंध। आज हजारों पति-पत्नी दुखी हैं, क्योंकि उनके बीच संबंध तो है लेकिन प्रेम नहीं है। साधुओं के पास बिना संबंध का प्रेम होता है। जीवन में उतार-चढाव होता रहता है, लेकिन विश्वास का पासवर्ड सिर्फ विश्वास होता और कुछ नहीं। प्रेम का कोई विकल्प नहीं है। आचार्य श्री से इस मौके पर कई धर्मावलम्बियों ने त्याग और तपस्या का संकल्प लिया। इस दौरान श्री देवसूर तपागच्छ चारथुई जैन श्रीसंघ गुजराती उपाश्रय, श्री ऋषभदेवजी केशरीमलजी जैन श्वेताम्बर तीर्थ पेढ़ी के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में श्रावक श्राविकाएं उपस्थित रहे।

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